स्तनपान से जीवनभर लाभ
शिवपुरी। स्तनपान बच्चों को जीवन में अच्छी शुरुआत प्रदान करता है. यह पोषण का सबसे अच्छा स्रोत है, जो जीवनभर लाभ देने के साथ बच्चे के मानसिक विकास में भी सहायक है. यह मां के साथ अपनत्व की भावना का विकास करता है. ये कहना था शक्ति शाली महिला संगठन के द्वारा महिला बाल विकास विभाग , स्वास्थ विभाग एवम ब्रिटानिया न्यूट्रिशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में आज आदिवासी बाहुल्य 10 गांव में संस्था द्वारा स्तनपान सप्ताह के तहत विशेष कार्यक्रम जिसमे शिशुवत महिलाओ को घर घर जाकर स्तनपान का पोस्टर लगाना एवम स्तनपान कराने की जानकारी सुपोषण सखिओ द्वारा प्रदान की गई। जिसमे प्रमोद गोयल ने टोंगरा आदीवासी समुदाय में जाकर स्तनपान के महत्व को बताया उन्होंने कहा की जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत करने तथा पहले छह महीने में बच्चे को सिर्फ मां का दूध देना बच्चे के लिए फायदेमंद होता है. स्तनपान बच्चों को जीवन में अच्छी शुरुआत प्रदान करता है. यह पोषण का सबसे अच्छा स्रोत है, जो जीवनभर लाभ देने के साथ बच्चे के मानसिक विकास में भी सहायक है. यह मां के साथ अपनत्व की भावना का विकास करता है. छह महीने के बाद पूरक आहार शुरू करने और दो साल या उससे अधिक उम्र तक लगातार स्तनपान कराने से संक्रमण के खिलाफ एक शक्तिशाली कवच तैयार होता है. इससे कुपोषण से बचाव और बच्चे के मस्तिष्क का विकास होता है. जो बच्चे ढंग से स्तनपान नहीं करते हैं, उनमें दस्त और अन्य संक्रमणों का खतरा अधिक होता है. ऐसे बच्चों के कुपोषण से पीड़ित होने और शिशुकाल में मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है. मां का दूध विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है. आशा कार्य कर्ता ने समुदाय को बताया की बच्चे के जन्म के तुरंत बाद प्राप्त होने वाला मां का गाढ़ा पीला दूध जिसे कोलोस्ट्रम भी कहा जाता है, नवजात शिशु के लिए आदर्श पोषण है. पोषक तत्वों एवं एंटीबॉडी से भरपूर, यह दूध बच्चे के लिए पहले टीके का काम करता है. यह बीमारियों के जोखिम को कम करता है, जिसमें कान के संक्रमण, अस्थमा, श्वसन संक्रमण, दस्त, उल्टी, बचपन का मोटापा और शिशुओं की अचानक मृत्यु सिंड्रोम भी शामिल है. स्तनपान बच्चे की बौद्धिक क्षमता में भी तीन से चार अंक तक की वृद्धि करता है. 15 वर्षों से स्तनपान के महत्व पे काम करने वाली बबिता कुर्मी समाजिक कार्यकर्ता ने बताया की बच्चे के जन्म के बाद स्तनपान माताओं को पूर्व शारीरिक आकार प्राप्त करने में मददगार होता है. साथ ही, स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर तथा टाइप-2 मधुमेह के जोखिम को कम करता है. यह बच्चे के जन्म के अंतर को बनाये रखता है. अध्ययन से पता चलता है कि स्तनपान में निवेश किया गया प्रत्येक डॉलर अनुमानित तौर पर 35 डॉलर का आर्थिक लाभ प्रदान करता है. स्तनपान सभी रूपों में कुपोषण को रोकने में मदद करता है. मां का दूध प्राकृतिक, नवीकरणीय और टिकाऊ संसाधन है, जो न तो कचरा पैदा करता है और न ही प्रदूषण. नवजात शिशु का जीवित रहना प्रारंभिक स्तनपान और जन्म के तुरंत बाद मां के साथ त्वचा से त्वचा के संपर्क पर निर्भर करता है. यह मां के ऑक्सीटोसिन के स्तर को भी बढ़ाता है, जो मां के दूध को बढ़ाने में मदद करता है. सफल स्तनपान अभ्यास को बढ़ावा देने के लिए उचित परिवेश और विशेषज्ञ निर्देश की आवश्यकता होती है. बच्चों को जीवन में सर्वोत्तम संभव शुरुआत देने के लिए माताओं को अपने परिवारों, स्वास्थ्य पेशेवरों, नियोक्ताओं और सरकार से सहयोग व प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है. स्वास्थ्य पेशेवरों, जैसे कि परामर्शदाता, नर्स तथा डॉक्टर, माताओं एवं बच्चों को स्तनपान कराने में मदद कर सकते हैं. सभी स्वास्थ्य सेवाओं को स्तनपान को बढ़ावा देने तथा मां एवं नवजात के बेहतर देखभाल को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है. स्तनपान एक मां के द्वारा खुद को, अपने बच्चे को और दुनिया को दिया जाने वाला एक सर्वोत्तम उपहार है. इसकी तुलना बच्चों को दी जाने वाली किसी भी दूसरी सुविधा और उपहार से नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह अनमोल है.प्रोग्राम में सभी आगनवाड़ी एवम आशा दीदी के साथ शक्ति शाली महिला संगठन की पूरी टीम एवम सुपोषण सखी ओ ने महत्व पूर्ण सहयोग प्रदान किया।

सही पोषण और उचित देखभाल से बढ़ कर बच्चों के लिए और कुछ हो नहीं सकता : प्रमोद / Shivpuri News
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