Press "Enter" to skip to content

111 करोड़ बहाए, नाले फिर भी चालू: हाईकोर्ट ने पूछा—जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब? / Shivpuri News

शिवपुरी। शहर की बदहाल सीवेज व्यवस्था और झीलों में मिल रहे गंदे पानी को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। करीब 111 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सीवेज लाइन पूरी तरह चालू नहीं होने पर अदालत ने अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने प्रमुख सचिव से जवाब तलब करते हुए पूछा कि मानकों के विपरीत कार्य करने वाले ठेकेदारों और गलत मूल्यांकन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी पूछा गया कि बिना अतिरिक्त सरकारी खर्च के नगर पालिका शहरवासियों को स्वच्छ पानी कैसे उपलब्ध कराएगी।

मामले में यह तथ्य भी सामने आया कि शहर का गंदा पानी झीलों और जल स्रोतों में मिल रहा है। अदालत ने नाराजगी जताते हुए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। सुनवाई में यह बात सामने आई कि माधव झील और सांख्य सागर क्षेत्र का प्रदूषित पानी आगे सिंध नदी में मिल रहा है, जिससे पेयजल गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों से विस्तृत जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की है। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक धन खर्च होने के बावजूद परिणाम नहीं मिलने पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!