शिवपुरी: जिले के करैरा तहसील के उड़वाहा गांव की आंगनबाड़ी केंद्र पर किशोरियों को बांटने के लिए आई दवाओं को बांटने की बजाय जमीन में गाढ़ देने का मामला सामने आया है।
इसका खुलासा ग्रामीणों ने जमीन में गाढ़ी गई दवाओं को बाहर निकाल कर उसका वीडियो बनाते हुए किया है। इस संबंध में अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,सीडीपीओ और डीपीओ से जानकारी लेनी चाही तो सभी इस मामले को दबाने के लिए चुप्पी साधे हुए है।
जमीन में गाढ़ दी बांटने की वाली दवाएं
जानकारी के अनुसार ग्राम उड़वाहा की आंगनबाड़ी पर पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश कुशवाह को गर्भवती महिलाओं व किशोरी बालिकाओं को वितरित करने के लिए आयरन, केल्शियम और विटामिन की गोलियां भेजी थीं। यह गोलियां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को गांव में गर्भवती महिलाओं सहित किशोरी बालिकाओं को बांटी जानी थी, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दवाएं गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को न बांटते हुए जमीन में गाढ़ दी।
गुरुवार शाम ग्रामीणों को इस बात की भनक लग गई। उन्होंने जमीन को खोदकर बड़ी संख्या में दवाएं निकालकर अपने पास रख लिया। ग्रामीणों ने जमीन से दवा निकालने का वीडियो भी बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
इस मामले में जानकारी के लिए जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश कुशवाह को फोन लगाया गया तो उनका कहना था कि उन्होंने दवाएं नहीं गाढ़ी हैं, उन्होंने तो दवाएं बांटी हैं। हालांकि जब उनसे यह जानने का प्रयास किया गया कि उनके यहां कितनी किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को दवाओं को वितरण किया जा रहा है तो उन्होंने फोन काट दिया और फिर उन्होंने फोन ही अटेंड नहीं किया।वहीं केंद्र पर मौजूद कुछ महिलाओं और किशोरियों से जब पूछा गया कि क्या उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र से कुछ मिलता है तो उन्होंने भी मना किया।











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