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जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आई जच्चा और बच्चा की मौत खून की कमी से हुई मौत, तीन घंटे तक मृतिका का नहीं हुआ पोस्टमार्टम | Shivpuri News


शिवपुरी। कोलारस क्षेत्र के किशनपुरा गांव की गर्भवती महिला और उसके गर्भवस्थ शिशु की जिला अस्पताल में मौत हो गई। जच्चा बच्चा  की मौत को उसके परिजन स्वास्थय विभाग की लापरवाही बता रहे हैं। मृतिका कलावती  उर्फ कला पत्नि परमाल आदिवासी उम्र 28 वर्ष की मौत का कारण खून की कमी बताया जा रहा है। मृत्यु के बाद तीन घंटे तक मृतिका का शव स्टै्रचर पर रखा रहा  और उसका पोस्टमार्टम नहीं हुआ। पोस्टमार्टम के लिए मृतिका के परिजन परेशान होते रहे। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका कला का मदर एण्ड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड बनने के बाद भी समय समय पर न तो उसकी जांचे और न ही चैकअप हुआ। जिसके कारण खून की कमी के चलते उसने कल दोपहर अस्पताल में दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि प्रसूता लगातार झटके ले रही थी और कुछ समय के  बाद ही उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद उसके गर्भवस्थ शिशु की भी  मौत हो गई। उसकी मौत के बाद बताया जाता है कि महिला डॉक्टर ने पीएम  करने से इंकार कर दिया। डयूटी डॉक्टर ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि महिला डॉक्टर ही पीएम करती है। जिसके परिणामस्वरूप तीन घंटे  तक मृतिका का पीएम नहीं हुुआ। बाद में सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे के हस्तक्षेप के बाद मृतक महिला का पीएम कराया जा सका। 
इनका कहना है
प्रसूता जिला अस्पताल में लाई गई थी, लेकिन वह जब अस्पताल लाई गई उस समय मृत अवस्था में थी। हमने पुलिस को तत्काल इसकी सूचना दे दी थी। प्रसूता की मौत  के बाद डॉक्टर का पैनल बनाकर उसका पीएम करने की  तैयारी कर ली थी। प्रसूता के साथ कोई पुरूष अटैण्डर नहीं था इस कारण महिला अटैण्डरों ने उस समय तक पीएम नहीं कराया जब तक परिवार का कोई सदस्य नहीं आया। उसकी मौत के लिए अस्पताल  प्रशासन जिम्मेदार नहीं है।
डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर, आरएमओ जिला अस्पताल शिवपुरी 
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