
शिवपुरी। नगर पालिका परिषद की बैठक में आज हंगामे के बीच शहर विकास के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। जिसमें शहर में पानी की पाईप लाईन बिछाने, नल कनेक्शन देने, सी.सी. रोड़, बदरवास सीएमओ सौरभ गौड़ की नियुक्ति पर विचार विमर्श, पीआईसी परिषद ठहराव प्रस्ताव पर चर्चा एवं अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई। वहीं नपा अध्यक्ष की हठधर्मी के चलते नगर पालिका उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी नाराज होकर मंच छोड़कर पार्षदों के साथ आकर बैठ गए। साथ आम जनता को नल कनेक्शन दिए जाने के लिए शुल्क का निर्धारण किया गया। वहीं नगर पालिका द्वारा निर्मित की गई दुकानों का हस्तांतरण किए जाने बाले संबंधी बिन्दु पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा विभिन्न पार्षदों द्वारा अपने-अपने वार्डों में प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराने की मांग भी रखी। जिनमें वार्ड 27 के पार्षद हरिओम नरवरिया एवं वार्ड 26 के पार्षद सुरेन्द्र रजक ने अपने वार्डों में पानी की पाईप लाईन नहीं बिछाए जाने से आक्रोशित हो गए और इतना ही नहीं नगर पालिका परिषद की बीच बैठक में धरने पर बैठ गए। वहीं पार्षद लालजीत आदिवासी ने कहा कि हमें पानी की पाईप लाईन नहीं पहले सी.सी. सड़क चाहिए। परिषद की बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का बैसे तो आपसी तालमेल होना चाहिए जिससे शहर के विकास को गति प्रदान की जा सके। लेकिन परिषद की बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष विपरीत दिशा में ही नजर आए। ऐसी परिस्थिति में शहर के विकास पर स्वत: ही प्रश्न चिन्ह लग जाता हैं। इस अवसर पर परिषद की बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, सीएमओ के.के पटेरिया, नगर पालिका एचओ श्री शर्मा, राजस्व अधिकारी पूरन कुशवाह, नगर पालिका उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी सहित समस्त पार्षदगण उपस्थित थे।
नदी खुदी नहीं, मगर मच्छ कूंदने लगे
सिंध जलावर्धन योजना के अंतर्गत शहर भर में डेढ़ दर्जन के लगभग पानी की टंकियों का निर्माण किया जाना था। लेकिन उनका भी कार्य आज भी आधा अधूरा पड़ा हुआ हैं। अभी तक टंकियों का निर्माण ही पूर्ण रूपेण तैयार नहीं हैं फिर भी नगर पालिका द्वारा आमजन को कनेक्शन देने के लिए 2815 रूपए की धनराशि तय कर दी गई हैं। लेकिन आधी अधूरी निर्मित टंकियों के माध्यम से पानी कैसे दे पायेंगे? अभी तक महज तीन टंकियों में गांधी पार्क, चिलौद, पुलिस लाईन की टंकियों से ही पानी आपूर्ति की जा रही हैं। जलापूर्ति के लिए शहर भर में अभी पाईप लाईन बिछाई ही नहीं गई हैं। तब फिर नगर पालिका द्वारा कनेक्शन दिए जाने का क्या औचित्य रह जाता हैं? यह तथ्य स्पष्ट होता हैं कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर के भोले भाले नागरिकों से कनेक्शन के नाम पर धन उगाई कर ली जाए। जो इस मुहाबरे को चरितार्थ करता नजर आता हैं कि नदी खुदी नहीं हैं और मगर मच्छ कूंदने लगे हैं?
मोटर डालने निकालने की दर स्वीकृत
नगर पालिका परिषद की पिछली बैठक में मोटर डालने निकालने के एक वर्ष के टेंडर को लगातार 4 साल तक चलाने के मामले को लेकर नगर पालिका के जिम्मेदारों की भारी फजीहत हुई थी। इस फजीहत और अनियमित्ता पर कार्यवाही करते हुए निर्वतमान सीएमओ सीपी राय ने पूरे मामले का तत्काल परीक्षण किया और जो टेंडर प्राप्त हुए थे उनकी दर स्वीकृति के लिए एक विस्तृत टीप लिखी। सीएमओ ने स्पष्ट लेख लिखते हुए कहा कि उपरोक्त विसंगति हैं। इसके पश्चात आज हुई परिषद में मोटर डालने निकालने के टेंडर की दर स्वीकृति का प्रकरण रखा गया। जो परिषद में सर्व सम्मति से पास करके दर स्वीकृति कर दी। दर स्वीकृति के पश्चात नगर पालिका में एक वर्ष के टेंडर को चार साल से अधिक चलाने की विसंगति समाप्त हो गई।
उपाध्यक्ष व पार्षदों ने मांगी विगत पांच वर्षों के ठहराव प्रस्तावों की प्रतिलिपि
नगर पालिका अध्यक्ष व पीआईसी समिति के सदस्यों द्वारा विगत पांच वर्षों में अपने मनमाफिक ठहराव प्रस्ताव लाकर निर्माण कार्य सहित अन्य कार्य कराए जाते रहे। जबकि नगर पालिका परिषद के नियमानुसार पीआईसी द्वारा स्वीकृति किए गए कार्यों के ठहराव प्रस्ताव की प्रति लिपि प्रत्येक नगर पालिका के जनप्रतिनिधि के पास पहुंचाना आवश्यक होता हैं, लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष व समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तावों की प्रतिलिपियां पार्षदों तक पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई गई। जिससे यह तथ्य स्पष्ट होता हैं कि नगर पालिका अध्यक्ष व समिति के सदस्यों द्वारा मनमानी दरों पर शहर के विकास कार्य कराए गए। यहां तक कि ठहराव प्रस्तावों की जानकारी नगर पालिका उपाध्यक्ष तक को उपलब्ध नहीं कराई गई। जिससे रूष्ट होकर आज उपाध्यक्ष स्वयं पार्षदों के साथ आकर बैठ गए और कहा कि जब समिति के सदस्यों की कोई पूछ परख ही नहीं है तो सामान्य पार्षद बने रहना ही उचित हैं साथ ही पूरे पांच साल में किए गए कार्यों की ठहराव प्रस्तावों की प्रतिलिपियों की छायाप्रति उपलब्ध कराने की मांग परिषद के माध्यम से की गई।
पार्षदों ने सीएमओ व नपाध्यक्ष से सवाल जवाब
शिवपुरी। नगर पालिका परिषद की बैठक में वार्ड क्रमांक 27 व 26 के पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में पेयजल संकट से जूझते नागरिकों को निजात दिलाने के लिए पाईप लाईन बिछाने की मांग की हैं। साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए सी.सी. सड़कों का निर्माण की भी मांग की हैं। विगत पांच वर्षों में उक्त वार्डों में न तो सड़कों का ही निर्माण कराया गया और न ही पानी की समस्या का निराकरण किया गया। इन सवालों के जवाब में नगर पालिका अध्यक्ष व सीएमओ ने संयुक्त रूप से कहा है कि पांच दिन के अंदर पानी पाईप लाईन बिछा दी जाएगी। अब देखना यह है कि क्या पांच दिन में पानी की पाईप लाईन बिछ पाएगी अथवा नहीं?






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