
शिवपुरी-आशा एवं आशा सहयोगी संगठन की विभिन्न मांगों को लेकर संगठन की जिलाध्यक्ष श्रीमती अंजू यादव के नेतृत्व में स्थानीय सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन की श्रीमती शिमला पाल, राजबती, राजकुमारी शर्मा, अर्चना श्रीवास्तव, सरोज शर्मा, उर्मिला यादव, श्यामा बाई, राधा धाकड़, कुसुम जाटव, रचना पाल, रचना शर्मा व रेखा जाटव आदि शामिल रही। इस ज्ञापन में जिलाध्यक्ष श्रीमती अंजू यादव ने बताया कि मप्र में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद वचन पत्र में लिखा गया था कि कांग्रेस सरकार बनने पर सबसे पहली प्राथमिकता आशा बहनों को देंगें और नियमित करने की बात कही थी जो माननीय ने अभी तक पूरी नहीं की, मप्र की सभी आशा बहनें इसी वचन का जबाब जानना चाहती है। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के बारे में बताया कि आशा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगी को नियमित कर स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी मान्य किया जाये, आशा को प्रतिमाह 15 हजार एवं आशा सहयोगी को 20 हजार रूपये प्रतिमाह निश्चित वेतन दिया जावे, आशा और आशा सहयोगी को स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम, एकाउण्ट, बीसीएम व अन्य पदों पर योग्यता के अनुसार सीधी भर्ती में वरियता दी जावे,आशा और आशा सहयोगीयों को एक ड्रेस एवं एक नाम दिया जावे, आशा सहयोगी को सुपरवाईजर का नाम दिया जावे व पूरे भारत वर्ष में इसे लागू किया जावे। माननीय प्रभारी मंत्री को आशा-आशा सहयोगियों ने बताया कि आशा ऊषा एवं आशा सहयोगी बहनों की लगातार मेहनत और लगन से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाऐं सुदृढ़ हुई है साथ ही साथ मात्र मृत्यु दर शिशुदर में कमी आई है जनसंख्या वृद्धि में रोक लगी है। इसलिए उक्त मांगों को पूर्ण कर आशा-आशा सहयोगीयों को न्याय प्रदान किया जावे। इस ज्ञापन को प्राप्त करने के पश्चात प्रभारी मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने मामले में उचित कार्यवाही का आश्वासन आशा-आशा सहयोगियों को दिया है। इसके साथ ही आशा-आशा सहयोगियों ने चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो वह भविष्य में होने वाले किसी भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में कोई भी आशा एवं आशा सहयोगी कार्य नहीं करेगी और विशाल आन्दोलन करने को बाध्य होंगी।






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