
बिना मान्यता के कक्षा 11,12 वीं की कक्षाएं लगाने के लिए चर्चित है स्कूल
अजय सिंह कुशवाहशिवपुरी। शहर के बीचों बीच मनियर चौराहे पर स्थित अशासकीय एसएनव्ही पब्लिक स्कूल जो कि मान्यता से अधिक 11 और 12 वीं की कक्षाएं संचालित करने के लिए चर्चित है। स्कूल संचालक की दबंगई और निर्भीकता देखते ही बनती है क्योंकि स्कूल संचालक के रसूख और ऊँची पहुंच के आगे प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी कोसों दूर रहते हैं। इसी का फायदा स्कूल संचालक द्वारा खुलेआम उठाया जा रहा है। जिस अंदाज में स्कूल संचालक द्वारा मान्यता से अधिक तक कक्षाएं लगाई जा रही है उसी तर्ज पर बिना मान्यता के हॉस्टल का संचालन भी किया जा रहा है। स्कूल संचालक द्वारा की जा रही मनमर्जी और हठधर्मिता से ऐसा प्रतीत होता है कि शिवपुरी में शिक्षा विभाग का कोई धनीधोरी नहीं है सिर्फ नाम के लिए ही अधिकारियों को बिठा रखा है या फिर यूं कहें कि इनकी जेबें गर्म कर दी जाती हैं जिससे कि सबकुछ जानकर भी अनजान बनने का डोंग करना इनकी आदत में आ गया हो। कुल मिलाकर स्कूल संचालक द्वारा जिस अंदाज में शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं उसे देखकर लोगों में चर्चा तो यही रहती है स्कूल संचालक शिक्षा विभाग को अपनी जेब में रखकर घूमते हैं। तभी हाईवे पर बायपास किनारे स्कूल होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस स्कूल पर नहीं पड़ती।
सुविधाओं के नाम होता है शोषण
सूत्रों की मानें तो छात्रों के परिजनोंं को विभिन्न प्रकार के सुहाने सपने दिखाकर छात्रों को एक मोटी रकम लेकर भर्ती तो कर लिया जाता है। हॉस्टल में छात्रों के भर्ती हो जाने पर उनका आर्थिक शोषण तो किया ही जाता है साथ ही सुविधाओं के नाम पर महज खाना पूर्ति की जा रही है।
नियमों को टांगा खूंटी पर
यहां बता दें कि एसएनव्ही पब्लिक अकेला ऐसा नहीं है जिसके द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है, बल्कि शहर में अन्य स्कूल संचालकों द्वारा अवैध हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं। शासकीय नियमों के अनुसार अग्निशमन यंत्र, फस्र्टएड बॉक्स, नहाने एवं शौच जाने की व्यवस्था, स्टडी हॉल, मीनू के अनुसार भोजन व्यवस्था, खेल का मैदान आदि सुविधा होनी चाहिए, लेकिन शिक्षा के इन ठेकेदारों द्वारा सब नियमों को खूंटी पर टांग दिया है। जिसकी जानकारी जिला प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा अधिकारी तक को होने के बाबजूद भी ऐसे हॉस्टल संचालकों के विरूद्ध कोई ठोस कार्यवाही आज तक नहीं की गई।






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