शिवपुरी। शहर इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि लोगों को रातभर जागकर पानी भरना पड़ रहा है, जबकि दिन में भी पानी के लिए संघर्ष जारी है। सबसे ज्यादा परेशानी मजदूर वर्ग को हो रही है, जो दिनभर काम करने के बाद रात में पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार से सिंध जलावर्धन योजना के तहत शहर की जल आपूर्ति लगभग ठप पड़ी हुई है। इसका मुख्य कारण ट्रीटमेंट प्लांट की तीन में से दो मोटरों का खराब होना बताया जा रहा है। वर्तमान में केवल एक मोटर के सहारे पानी सप्लाई की जा रही है, जिससे कुल आवश्यकता का मात्र 30 प्रतिशत पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। परिणामस्वरूप शहर के करीब 70 प्रतिशत हिस्से में पानी नहीं पहुंच रहा।
जल संकट की गंभीरता का अंदाजा फिजिकल रोड स्थित पीएचई कार्यालय के पास लगे बोरवेल पर उमड़ रही भीड़ से लगाया जा सकता है। यहां रात 11 बजे तक भी लोगों की लंबी कतारें लगी रहती हैं और यह सिलसिला पूरी रात व दिनभर जारी रहता है।
फूटी पाइपलाइन से बहा हजारों लीटर पानी
एक ओर जहां शहर पानी की कमी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही से पानी की बर्बादी भी सामने आई है। कोर्ट रोड स्थित सब्जी मंडी के पास एक फूटी पाइपलाइन से बुधवार रात करीब 10 बजे से गुरुवार सुबह 9 बजे तक लगातार पानी बहता रहा।
बताया गया है कि हाल ही में पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खुदाई के दौरान जेसीबी मशीन से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। कुछ दिनों तक आपूर्ति बंद रही, लेकिन जैसे ही पानी छोड़ा गया, पाइपलाइन से तेज रिसाव शुरू हो गया। हैरानी की बात यह है कि जल संकट के बावजूद संबंधित विभाग ने समय रहते लीकेज को ठीक नहीं कराया।
ऐसे में एक तरफ शहरवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, तो दूसरी ओर हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।







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