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किरण हत्याकांड में पांच दिन बाद भी खाली पुलिस के हाथ, नहीं मिला सुराग

शिवपुरी। राघवेंद्र नगर स्थित शहर के हृदय स्थल में दिन दहाड़े घर में घुसकर एक विवाहित महिला श्रीमति किरण धर्मपत्नी विजय गुप्ता की हत्या के मामले में पांच दिन बाद भी पुलिस जीतोड़ कोशिश के बावजूद किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। हालांकि पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करना अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। यहीं कारण रहा कि एसपी से लेकर डीआईजी और आईजी की नजरें भी इस प्रकरण पर निरंतर केन्द्रित रहीं। एसपी से लेकर आईजी और डीआईजी ने मृतक महिला के निवास स्थान पर पहुंचकर परिवारजनों को ढांढस बंधाया तथा उन्हें आश्वस्त किया कि शीघ्र ही आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त दर्दनाक हत्याकांड 11 सितम्बर को दोपहर साढ़े 3 बजे से लेकर लगभग 5-6 बजे के बीच हुआ जब महिला घर में अकेली थी। दोपहर साढ़े तीन बजे मृतक महिला किरण गुप्ता का बेटा शुभम खाना खाकर न्यू ब्लॉक में स्थित अपनी दुकान में गया और रात 8:30 विजय गुप्ता और उनका बेटा जब घर लौटे तो उन्होंने देखा कि किरण का शव मकान की निचली मंजिल में सीढिय़ों के पास पड़ा हुआ है। हत्यारों ने बेरहमी से उनका गला काट दिया था तथा पेट पर भी चाकू मारे। चूकि उस समय तक खून सूख चुका था। इससे लग रहा था कि हत्या की बारदात कम से कम दो घंटे पहले की होनी चाहिए। गुप्ता परिवार के मकान के पास रहने वाले एक दुकानदार ने बताया कि उसने शाम 5-5:30 बजे दुकान खोली उसके बाद गुप्ता परिवार के यहां कोई नहीं आया था। इससे स्पष्ट है कि किरण गुप्ता की हत्या दोपहर साढ़े तीन बजे से लेकर हद से हद शाम 6 बजे के बीच हुई। प्रथम दृष्टि में भले ही यह हत्या लूट के कारण होना दिख रही थी। क्योंकि मृतक महिला के कान के बाले खींचे गए थे, गले में से सोने की चैन निकाली गई थी, लेकिन दूसरी ओर हत्यारें बहुत सारा सामान घटना स्थल पर ही छोड़ गए थे। घटना स्थल पर गहने और नगदी दोनों मिले। इससे इस हत्याकांड के पीछे लूट होने की संभावना पर एक सवाल अवश्य खड़ा हुआ है। इसे जांच अधिकारी एसडीओपी रत्नेश सिंह तोमर भी स्वीकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि हो सकता है कि यह हत्या लूट के उद्देश्य से न की गई हो। मृतक महिला के घर में मैचिंग सेंटर का कारोबार होता है। जिसमें कारीगरों को कपड़े सिलने के लिए भी दिए जाते थे। इस कारण घर में अपरिचित लोगों को आना जाना लगा रहता था। उन्हें लेकर टैक्सी वाले भी आते थे। पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए अनेक लोगों से गंभीरता से पूछताछ की। दुकान के नौकरों से भी पूछताछ की लेकिन टीआई अनीता मिश्रा का कहना है कि अभी तक पुलिस अंधेरे में ही तीर मार रही है। 

करोड़ों की चोरी और हत्याकांड के मामले भी नहीं सुलझा पाई पुलिस 

शिवपुरी जिले में आपराधिक तत्वों की सक्रियता पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। एक सप्ताह में जिले में अनेक संगिन बारदातें हुई है। बामौरकलां में दबंगों ने दलित कोटवार को पीट-पीटकर मार डाला। वहीं नरवर थाना क्षेत्र में दबंगों ने बसपा नेता के सिर की चमड़ी तक उखाड़ दी। लेकिन दोनों गंभीर मामलों में आरोपी अभी तक बचे हुए हैं। वहीं खनियांधाना थाना क्षेत्र में विगत सप्ताह जैन तीर्थंकरों की लगभग डेढ़ करोड़ रूपए मूल्य की मूर्तियां चोरी हो गई। जिनका भी कोई पता नहीं चला है। वहीं खनियांधाना में विगत दिवस जैन मंदिर से 15 करोड़ मूल्य का कलश चोरी गया था। जिसका खुलासा भी पुलिस अभी तक नहीं कर पाई है। 
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