Press "Enter" to skip to content

किरण हत्याकांड: मृतक के परिजनों द्वारा चक्काजाम के बाद पांच पुलिस कर्मी निलंबित

शिवपुरी। शहर में पिछले दिनों घर में घुसकर हुई विवाहित महिला किरण गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध युवक हबीब को कस्टडी में लिया और उसे कई बार पूछताछ की। इसके बाद कल अस्पताल में उसकी मौत के बाद आक्रोश गहरा गया और मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रताड़ना के चलते उसकी मौत हुई है। पुलिस की मारपीट से भयभीत होकर उसकी तबियत बिगड़ गई और जिला अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसे बचाया नहीं जा सका। मृतक के परिजनों ने कमलागंज क्षेत्र में जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने देहात थाना टीआई अनीता मिश्रा और पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि आक्रोशित भीड़ ने ऑटो को रोककर तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। इस दौरान एसडीओपी सुरेशचंद्र दोहरे लोगों को समझाने पहुंचे। जहां उन्हें भीड़ ने घेर लिया और उनके साथ धक्कामुक्की कर दी। यह देख अन्य पुलिसकर्मियों ने एसडीओपी को सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद एडीश्रल एसपी गजेंद्र कंवर मौके पर पहुंचे। जिन्होंने कांग्रेस नेता वाशिद अली और फरमान अली से चर्चा की और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद बताया जाता है कि पुलिस कप्तान ने पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया जिनके निलंबित होने की पुष्टि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह कंवर ने की। 
जानकारी के अनुसार हबीब खान पुत्र शेख जहूर निवासी बुर्राक ईमामबाड़े के पास सईसपुरा को आज सुबह करीब 6 बजे सीने में दर्द की शिकायत हुई जिसे उनका पुत्र फरहान खान अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया और सुबह करीब 11 बजे इलाज के दौरान हबीब की मौत हो गई। जैसे ही उनकी मौत की सूचना फैली तो लोग उनके घर पर एकत्रित हो गए। जहां उन्हें बताया गया कि उनकी मौत पुलिस प्रताड़ना से हुई है। जिससे उनके समाज के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दोपहर करीब डेढ़ बजे सभी लोग एकत्रित होकर कमलागंज क्षेत्र में मीटमार्केट के पास पहुंचे जहां सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ लग गई और उन्होंने देखते ही देखते रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान भीड़ ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और खाकी वाले मुर्दाबाद के नारे लगाए। जिसकी सूचना जैसे ही पुलिस को लगी तो एसडीओपी सुरेशचंद्र दोहरे मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया। अपने आप को घिरा देख श्री दोहरे ने भीड़ से निकलने का प्रयास किया। लेकिन वह निकल नहीं सके। तभी नाराज कुछ लोगों ने उनके साथ धक्कामुक्की कर दी। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। एसडीओपी के साथ धक्कामुक्की की सूचना मिलने पर कुछ लोग श्री दोहरे के पास पहुंचे और उनसे चर्चा की बाद में वह उन्हें लेकर मृतक के एक रिश्तेदार मोहम्मद ईशाद के पास पहुंचे और उनसे घटना की जानकारी ली। जिस पर ईशाद ने बताया कि एएसआई अरूण वर्मा, संतोश वैश्य, जितेंद्र रायपुरिया और दो अन्य पुलिसकर्मी शाम को हबीब के घर पर पहुंचे थे। जहां उक्त पुलिसकर्मियों ने हबीब के साथ अभद्रता की और उसमें चांटे मार दिए जिससे वह भयभीत हो गया था और पुलिस के इस भय के कारण ही रात्रि में उनकी हालत खराब हो गई और अस्पताल में आज सुबह हबीब ने दम तोड़ दिया इरशाद का आरोप था कि उक्त पांचों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाए। साथ ही देहात थाना टीआई अनीता मिश्रा पर भी कार्रवाई हो। एसडीओपी ने इरशाद को आश्वासन दिया कि उन्हें आवेदन देकर वह अपनी समस्या बताएं और उसकी जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हंगामाई नहीं माने और उन्होंने पुलिस के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इस दौरान कई वाहन चालकों से भीड़ का विवाद हुआ वहीं एक ऑटो में भी तोड़फोड़ करने का प्रयास किया गया। भीड़ की आक्रमकता देखकर पुलिस को मौके पर और फोर्स बुलाना पड़ा। जिन्हें देखकर हंगामाई और आक्रोशित हो गए। तभी कुछ पुलिसकर्मियो ने पुलिस बल और हंगामाईयों के बीच खड़े होकर उन्हेें रोकने का प्रयास किया गया।   
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!