शिवपुरी। जिले की नरवर तहसील में आयोजित करैरा विधायक रमेश खटीक की जनचौपाल के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब पोहरी विधानसभा क्षेत्र से अपनी शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हुई। विरोध जताते हुए एक ग्रामीण ने अपने मासूम बच्चे को विधायक की कार के बोनट पर रख दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और लोगों ने तुरंत बच्चे को सुरक्षित हटाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को नरवर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में करैरा विधायक रमेश खटीक ने जनसमस्याओं के निराकरण के लिए जनचौपाल आयोजित की थी। इस दौरान पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नानकपुर और बरखाड़ी के कुछ ग्रामीण भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीणों ने अपनी समस्या सुनाने का प्रयास किया, लेकिन विधायक रमेश खटीक ने उनसे कहा कि वे उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, इसलिए उनकी समस्याओं पर वे सुनवाई नहीं कर सकते। इस बात पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और कुछ देर तक विवाद की स्थिति बनी रही। बाद में अधिकांश ग्रामीण वापस लौट गए।
इसी दौरान बरखाड़ी निवासी जितेंद्र केवट और संतोष केवट अपने परिवार के साथ जनचौपाल पहुंचे। उनका आरोप था कि मछली पकड़ने के विवाद में ठेकेदार ने उनके साथ मारपीट की थी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। सुनवाई न होने से नाराज जितेंद्र केवट ने विरोध स्वरूप अपने मासूम बच्चे को विधायक की कार के बोनट पर रख दिया।
घटना के दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्काल बच्चे को सुरक्षित हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया। किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
गौरतलब है कि नरवर तहसील का क्षेत्र करैरा और पोहरी, दोनों विधानसभा क्षेत्रों में आता है। करैरा से भाजपा के रमेश खटीक विधायक हैं, जबकि पोहरी से कांग्रेस के कैलाश कुशवाह विधायक हैं। बताया जा रहा है कि जनचौपाल में करैरा विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनी गईं, जबकि पोहरी विधानसभा क्षेत्र से आए ग्रामीणों को यह कहते हुए लौटा दिया गया कि वे उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।






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