
शिवपुरी। शिवपुरी में स्मैक का कारोबार में किस तरह से फैल रहा है इसकी गवाही खुद पुलिस की कार्रवाई दे रही है। पुलिस ने तीन दिन में 18 लाख से अधिक की स्मैक पकड़ी है। देहात थाना पुलिस ने जहां 2 लाख से अधिक की स्मैक पकड़ी तो वहीं फिजीकल थाना पुलिस ने स्मैक की बड़ी खेप को पकड़ने में सफलता हासिल की। फिजीकल थाना पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार कर उनके पास से 160 ग्राम स्मैक पकड़ी जिसकी कीमत 16 लाख रुपए से अधिक की आंकी गई। इससे स्पष्ट होता है कि शिवपुरी की युवा पीढ़ी आज भी नशे की गिरफ्त में हैं। वह भी स्मैक जैसे जानलेवा नशे की गिरफ्त में युवा धीरे धीरे मौत के मुहाने पर खड़े हैं। पुलिस ने भले ही कुछ लोगों को पकड़ा है लेकिन अब भी स्मैक का कारोबार शिवपुरी सहित आसपास के ग्रामीण अंचल में चल रहा है और इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को और मशक्कत करनी होगी। पुलिस के हाथ इस रैकेट के सगरना तक नहीं पहुंचे हैं जिससे जिले भर में नशे का यह कारोबार फैलता जा रहा है। हाल ही में देहात और फिजीकल पुलिस ने स्मैक के कारोबारियों को पकड़ लिया है जिन्होंने पूछताछ में बताया कि वह राजस्थान से स्मैक की खेप लेकर आते हैं और उसके बाद इसे शिवपुरी के गली मोहल्लो में नशे के आदी युवाओं को खपाया जा रहा है। पुलिस ने तीन दिन के भीतर 18 लाख रुपए से अधिक की स्मैक पकड़ी है।
राजस्थान से कुंभराज आती है खेप
राजस्थान से स्मैक की खेप आ रही है। इस बात का खुलासा पुलिस ने पूछताछ में हुआ है। राजस्थान का भवानी मंडी स्मैक के कारोबार के लिए जाना जाता है और यहां से स्मैक गुना के कुंभराज आती है और कुंभराज से ही स्मैक को गुना और शिवपुरी में लाया जाता है और उसे खपाया जाता है।
300 से 500 रुपए में मिलता है एक टिकिट
स्मैक के कारोबारियों ने इसे स्मैक की जगह टिकिट नाम दिया है और टिकिट की एक पुड़िया 300 से 500 रुपए में नशे के आदी युवाओं को दी जाती है। स्मैक के आदी युवकों को जब तक स्मैक नहीं मिलती है तब तक उनके हाथ पैर काम नहीं करते हैं और जब वह इसका नशा कर लेते हैं तब ही उन्हें चैन मिलता है। स्मैक का नशा करने वाले युवक ने बताया कि शहर के कुछ चुनिंदा पाइंट पर टिकिट मिल जाती है और जो लोग इसका नशा कर रहे हैं उन्हें ही यह दी जाती है। नए व्यक्ति को टिकिट की पुड़िया आसानी से नहीं मिलती है।
हर माह लाखों का है कारोबार
स्मैक के नशे के कारोबार की बात करें तो जिले भर में लाखों रुपए महीने का स्मैक का कारोबार है और कई युवा इस नशे की गिरफ्त में आ गए है जो किसी भी कीमत पर नशे के लिए मुंह मांगा पैसा चुका रहे हैं।
कई युवा करा रहे नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज
शहर के 15 से अधिक ऐसे युवा हैं जो स्मैक के नशे की गिरफ्त में थे और जब यह बात उनके परिजनों को लगी तो वह उनका इलाज नशा मुक्ति केंद्र में करा रहे हैं। पुरानी शिवपुरी इलाके के एक युवक ने नाम पर छापने की शर्त पर बताया कि वह गाजियाबाद में अपना इलाज करा रहा है और वह एक साल से इसका नशा कर रहा था।






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