
सुनील रजक शिवपुरी। झांसी हाईवे स्थित सिकंदरा बैरियर पर विगत दिवस कलेक्टर अनुग्रह पी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सिकंदरा बैरियर की स्थिति जांचने के लिए पहुंची। सूत्रों की मानें तो कलेक्टर के आने की सूचना बैरियर पर पहले से ही पहुंच चुकी थी जिसके चलते वहां पर कर्ताधर्ताओं ने बैरियर पर कलेक्टर के सामने ऐसा माहौल निर्मित कर दिया जिसे देखकर कलेक्टर भी इनकी करतूत को नहीं समझ सकीं। कलेक्टर के पीठ फेरते ही इन्होंने अपने कार्य को फिर से चालू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि सिकंदरा बैरियर पर कट्टू वाहनों की निकासी कराना यहां आम बात है। राजस्थान से पशुओं को अवैध रूप से भरकर लाने वाले वाहनों को बैरियर से रात के अंधेरे में निकाला जाता है। जिले के सिकंदरा बैरियर पर बड़े पैमाने पर मवेशी तस्करी का धंधा चल रहा है। इसमें मवेशी तस्करों का बड़ा गिरोह काम कर रहा है। जानवरों की तस्करी का यह धंधा रात के अंधेरे में संचालित हो रहा है जो कुछ लोगों की कमाई का बड़ा स्त्रोत बना हुआ है। आरोप तो यहां है कि जानवर तस्करों से वसूली जानेवाली राशि में अच्छा-खासा हिस्सा बड़े नेताओं तक भी पहुंचता है। एक अनुमान के मुताबिक तस्कर एक ट्रक पर प्रतिदिन 50 हजार रुपये घूस में खर्च करते हैं।
अवैध वसूली में प्रदेश में है चर्चित
सिकंदरा बैरियर की बात करें तो यह न केवल मवेशियों की तस्करी के लिए बदनाम है, बल्कि यहां से गुजरने वाले वाहनों से अवैध वसूली के लिए भी बदनाम है। यहां पर खुलेआम प्राइवेट लोगों की मदद से वसूली को अंजाम दिया जाता है। इस खेल में नीचे से लेकर ऊपर तक हिस्सा पहुंचाने की बात सामने आती रहती है।






Be First to Comment