Press "Enter" to skip to content

वीरेंद्र रघुवंशी के कांग्रेस में आते ही सोशल मीडिया पर पूर्व विधायक पुत्र ने बयां की पीड़ा / Shivpuri News

आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को झेलना पड़ेगा कांग्रेस का ही विरोध


शिवपुरी: जिले में दिन व दिन राजनीति गरमाती हुई दिखाई दे रही है। भाजपा से सीधे कांग्रेस में कूद कर टिकट की चाहत रखने वाले नेताओं के खिलाफ अब मूल कांग्रेसियों का दर्द भी झलककर सोशल मीडिया पर भी सामने आने लगा है। ऐसा ही एक मामला आज सामने आया है जिसमें पोहरी से पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला के पुत्र आलोक शुक्ला ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली है। जिसमें उल्लेख किया गया है की मूल कांग्रेसियों से पूछा जाता है कि हाथ से हाथ जोड़ों में कितना काम किया, नारी सम्मान में कितने फॉर्म भरे, प्रियंका जी की सभा में कितनी गाड़ियां ले गए, फिर भाजपाइयों की पैराशूट लैंडिंग होती है और उनसे बिना कुछ पूछे उन्हें सर माथे पर बैठा लिया जाता है, जिस दिन मूल कांग्रेसियों ने सवाल पूछना शुरू कर दिया ना उसे दिन जवाब नहीं दे पाओगे, अप्रत्यक्ष रूप से अगर देखा जाए तो आलोक शुक्ला की यह पोस्ट विधायक वीरेंद्र रघुवंशी की ओर इशारा करती दिखाई दे रही है, क्योंकि बीते रोज वीरेंद्र रघुवंशी के द्वारा ही प्रदेश की राजधानी में पहुंचकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के समक्ष कांग्रेस की सदस्यता ली गई है। यहां आपको बता दें कि शिवपुरी जिले में भाजपा पदाधिकारियों के द्वारा कांग्रेस की सदस्यता ली जा रही है। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी भी भाजपा छोड़ कांग्रेस में आने वाले नेताओं को हाथों-हाथ झेलकर इन्हें तवज्जो दे रही है। जिसके चलते मूल्य कांग्रेसी नेता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इस संबंध में बीते रोज राज एक्सप्रेस ने भी एक समाचार प्रकाशित करते हुए उल्लेख किया था कि भाजपा से कांग्रेस में आने वाले नेताओं के कारण मूल कांग्रेसी अपने आप को ठगा कर रहे हैं महसूस। राज एक्सप्रेस द्वारा छापे गए इस समाचार पर आज पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला के पुत्र एवं कांग्रेस नेता आलोक शुक्ला ने भी मोहर लगाते हुए सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है।
पैराशूट लैंडिंग का विरोध आया सामने
शिवपुरी जिले में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं। ऐसी स्थिति में मूल कांग्रेसी अपने आप को ठगा महसूस कर ही रहे हैं और अब ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से बाद में पहले कांग्रेस से ही लड़ना पड़ेगा। राजनीतिक जानकारों की मां है तो जिन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा से आए नेताओं को टिकट दिया जाएगा, उन विधानसभाओं पर कांग्रेस को बड़े पैमाने पर भीतरघात का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि मूल कांग्रेस नेताओं की अनदेखी कर भाजपा से पैराशूट लैंडिंग करने वाले नेताओं को टिकट मिलना किसी भी स्थिति में मूल कांग्रेसियों को सहन योग्य नही होगा।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!