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सीएम राइज विद्यालय में प्रभार को लेकर विवाद, बीईओ के आदेश पर उठे सवाल, चयनित शिक्षकों की अनदेखी का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज / Shivpuri News

खनियाधाना (शिवपुरी)। सीएम राइज (सांदीपनि) विद्यालय, खनियाधाना में प्रभार सौंपने संबंधी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विनोद पाठक के आदेश को लेकर शिक्षा विभाग में विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया है कि जारी आदेश सीएम राइज विद्यालयों की चयन प्रक्रिया और शासन की मंशा के अनुरूप नहीं है।

जानकारी के अनुसार, बीईओ द्वारा विद्यालय का प्रभार ऐसे शिक्षकों को सौंपा गया है, जिनकी पदस्थापना सीएम राइज विद्यालय की चयन परीक्षा एवं निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से नहीं हुई है। जबकि उसी विद्यालय में चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर विधिवत पदस्थ कई शिक्षक उपलब्ध हैं। ऐसे में बाहरी शिक्षकों को प्रभार दिए जाने के निर्णय पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि सीएम राइज (सांदीपनि) विद्यालयों की स्थापना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति विशेष चयन प्रक्रिया के माध्यम से होती है, इसलिए प्रभार भी उसी चयन प्रक्रिया से आए पात्र एवं चयनित शिक्षकों को दिया जाना चाहिए।

शिक्षकों का कहना है कि यदि चयनित एवं पात्र शिक्षक उपलब्ध होने के बावजूद अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को प्रभार सौंपा जाता है, तो इससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इससे चयनित शिक्षकों में असंतोष का माहौल भी बन रहा है।

मामले में शिक्षा से जुड़े लोगों ने बीईओ विनोद पाठक द्वारा जारी आदेश की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आदेश विभागीय नियमों, प्रावधानों अथवा शासन की नीति के विपरीत पाया जाता है तो इसे तत्काल निरस्त कर सीएम राइज विद्यालय में चयनित एवं पात्र शिक्षक को ही प्रभार सौंपा जाए।

आवाज उठाने वाले लोगों का तर्क है कि कोई भी अधिकारी विभागीय नियमों और शासन की निर्धारित प्रक्रिया से ऊपर नहीं हो सकता। उनका कहना है कि यदि आदेश वास्तव में सीएम राइज योजना की मूल भावना और नियमों के विपरीत है, तो इसकी समीक्षा कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि विद्यालय की गरिमा, चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और विद्यार्थियों के हित सुरक्षित रह सकें।

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