शिवपुरी जिले के नरवर के गोदामों में संचालित असुरक्षित कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बीच एक सकारात्मक उदाहरण भी सामने आया है। तहसीलदार विजय कुमार त्यागी द्वारा सील की गई अनिल कोचिंग क्लासेस को सभी आवश्यक दस्तावेज, पंजीयन एवं शासन के सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के बाद दोबारा संचालित करने की अनुमति दे दी गई है।
जानकारी के अनुसार प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान अनिल कोचिंग क्लासेस को भी एहतियातन सील किया गया था। इसके बाद संचालक ने आवश्यक पंजीयन, सुरक्षा व्यवस्थाएं और प्रशासन द्वारा बताए गए सभी मानकों का पालन करते हुए संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। सत्यापन के उपरांत तहसीलदार ने सील हटाने के निर्देश दिए, जिसके बाद कोचिंग सेंटर फिर से शुरू हो गया।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी संस्था को बंद करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जो संस्थान शासन के सभी नियमों का पालन करेंगे, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। वहीं, जो संचालक सुरक्षा मानकों की अनदेखी करेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का पालन करने वाले संस्थानों को प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
“प्रशासन का साफ संदेश— नियमों का पालन करने वालों को राहत, लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई रहेगी जारी।”







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