शिवपुरी करेरा में एक अनोखी पहल ने बच्चों को क्रिकेट के जरिए नई उड़ान दी है। जहां कभी जेल परिसर के पीछे घना जंगल और झाड़ियां थीं, वहां आज क्रिकेट की पिच पर चौके-छक्कों की गूंज सुनाई देती है। जेल प्रशासन की इस पहल से बच्चों को बेहतर अभ्यास का मैदान मिला है, वहीं जेल की सुरक्षा भी पहले से मजबूत हुई है।
करेरा जेल परिसर के पीछे का यह इलाका पहले घने जंगल और झाड़ियों से भरा रहता था। सुनसान होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भी यह चुनौती बना हुआ था। सहायक जेल अधीक्षक सुनील शर्मा ने इस क्षेत्र को उपयोगी बनाने की पहल की। पहले जेल परिसर के सामने नेट प्रैक्टिस शुरू कराई गई, लेकिन खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पीछे के पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई कराकर यहां एक व्यवस्थित क्रिकेट मैदान तैयार किया गया।
आज इस मैदान पर रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे क्रिकेट का अभ्यास कर रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए नेट प्रैक्टिस, फिटनेस ट्रेनिंग और अनुभवी कोच की देखरेख में नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।
इस पहल का फायदा दो स्तर पर देखने को मिल रहा है। एक तरफ बच्चों को अपने खेल कौशल को निखारने के लिए बेहतर सुविधाएं मिली हैं, तो दूसरी तरफ पहले सुनसान और जंगल से घिरा क्षेत्र अब गतिविधियों से आबाद होने के कारण जेल की सुरक्षा भी मजबूत हुई है।
अभिभावकों और खिलाड़ियों का कहना है कि इस मैदान के बनने से करेरा के युवा खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर अभ्यास की सुविधा मिल रही है, जिससे भविष्य में क्षेत्र से नई क्रिकेट प्रतिभाएं उभरने की उम्मीद बढ़ गई है।
एक सकारात्मक सोच ने जंगल को खेल के मैदान में बदल दिया। करेरा जेल परिसर की यह पहल बच्चों के सपनों को नई दिशा देने के साथ-साथ सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता का भी बेहतरीन उदाहरण बन गई है।







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