शिवपुरी। रतलाम जिले के जावरा स्थित हुसैन टेकरी से अगवा किए गए चार माह के मासूम अयान खान को शिवपुरी पुलिस ने पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने अपहरण के आरोप में एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार कर रतलाम पुलिस के हवाले कर दिया।
कोलारस एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे रतलाम पुलिस से सूचना मिली थी कि संदिग्ध आरोपी एनएच-46 के रास्ते शिवपुरी सीमा पार करने की कोशिश कर रहे हैं। मोबाइल लोकेशन के आधार पर बदरवास में नाकाबंदी कराई गई तथा कोलारस थाना और लुकवासा चौकी पुलिस को पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर तैनात कर सघन चेकिंग शुरू की गई।
पुलिस के पास वाहन की सटीक जानकारी नहीं थी। केवल संदिग्धों के फोटो और लोकेशन उपलब्ध थी। करीब डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई में 15 कारों और 8 से 10 यात्री बसों की तलाशी ली गई। इस दौरान टोल प्लाजा पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति भी बनी रही।
आखिरकार इंदौर से दिल्ली जा रही कमला बस में एक महिला, एक पुरुष, 13 वर्षीय किशोर और उनके साथ अगवा किया गया मासूम अयान मिल गया। पुलिस ने तत्काल बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार अयान खान सागर जिले का निवासी है। उसके पिता साहिल खान अपनी पत्नी शाहीन और बेटे के साथ करीब 10 दिन पहले जावरा स्थित हुसैन टेकरी पर जियारत के लिए आए थे। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे परिवार सो रहा था, तभी एक महिला मासूम को उठाकर ले गई। कुछ ही देर बाद बच्चे के गायब होने का पता चलने पर परिजनों ने डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी।
प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने अपना नाम रूपा रैगर और पुरुष ने निजाम मंसूरी बताया है। दोनों राजस्थान के झालावाड़ के रहने वाले हैं और खुद को मुंहबोला भाई-बहन बता रहे हैं। उनके साथ निजाम का 13 वर्षीय बेटा भी मौजूद था। पूछताछ में महिला ने संतान नहीं होने की बात कहते हुए बच्चे का अपहरण करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जावरा से रतलाम, उज्जैन और इंदौर होते हुए दिल्ली जाने वाली बस में सवार हुए थे। बच्चे के सुरक्षित मिलने की सूचना पर उसके माता-पिता भी शिवपुरी पहुंच गए। घटना जावरा क्षेत्र की होने के कारण शिवपुरी पुलिस ने बच्चे और दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए रतलाम पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि बच्चे को राजस्थान या दिल्ली ले जाने के पीछे किसी बड़े गिरोह या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी।







Be First to Comment