शिवपुरी। जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के राजा की मुंडेरी गांव में 3 जून को हुए विवाद के बाद दर्ज हुई क्रॉस एफआईआर को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब दोनों पक्ष पुलिस अधीक्षक शिवपुरी के पास पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। एक ओर कुशवाह समाज ने हत्या के प्रयास और बलवा के मामले में निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरे पक्ष ने अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम से जुड़ी एफआईआर को झूठा और तथ्यों से परे बताया है।
कुशवाह समाज द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि राजा की मुंडेरी गांव में सीताराम कुशवाह की होटल एवं परचून दुकान पर कुछ लोगों ने विवाद कर मारपीट की थी। समाज का कहना है कि बाद में राजनीतिक प्रभाव के चलते हत्या के प्रयास और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया गया। ज्ञापन में प्रमोद कुशवाह को निर्दोष बताते हुए दावा किया गया है कि घटना के समय वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ डॉक्टर के यहां मौजूद थे, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से होने की बात कही गई है।
वहीं दूसरे पक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में दावा किया गया है कि 3 जून को मनोज कुशवाह, स्वदेश कुशवाह, सीताराम कुशवाह, दिलीप कुशवाह, प्रमोद कुशवाह और विनोद उर्फ देवेन्द्र कुशवाह सहित अन्य लोगों ने तलवार, लाठी, सरिया और बेसबॉल डंडों से हमला किया था। आवेदन के अनुसार इस हमले में फरियादी पक्ष घायल हुआ, जिसके आधार पर सिरसौद थाने में एफआईआर क्रमांक 0162 दर्ज की गई।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में दूसरे पक्ष ने स्वयं को घायल दर्शाकर और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को शामिल कर एफआईआर क्रमांक 0163 दर्ज करा दी। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि जिन व्यक्तियों के नाम पर एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं, वे घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे।
दोनों पक्षों ने अपने-अपने ज्ञापनों में निष्पक्ष जांच की मांग की है। एक पक्ष ने निर्दोष लोगों के नाम हटाने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है, जबकि दूसरे पक्ष ने दर्ज एफआईआर क्रमांक 0163 की पुनः जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।








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