शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत करसेना में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर नियमित जलापूर्ति की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले करीब 20 वर्षों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि गांव के लोग करीब 1 किलोमीटर दूर हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। महिलाओं और पुरुषों को रोजाना पैदल पानी ढोना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार ग्राम पंचायत और कलेक्ट्रेट में आवेदन देने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
आवेदन के अनुसार गांव में बनी सरकारी पानी की टंकी छोटी होने के कारण लगभग 150 घरों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। गांव में करीब 2 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन मोटर बार-बार फुंकने और लाइन खराब होने से सप्लाई बाधित रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में नई बोरिंग कराई जाए, अतिरिक्त पानी की टंकी बनाई जाए और 7 एचपी की नई मोटर लगाई जाए ताकि पूरे गांव को नियमित पेयजल मिल सके।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव के पंचायत सचिव उनकी समस्याएं नहीं सुनते और कहते हैं कि “मेरी ड्यूटी शिवपुरी ऑफिस पर है, शिवपुरी आ जाओ।” ग्रामीणों ने सचिव को हटाने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी प्रशासन से की है।







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