शिवपुरी के वीरा गांव से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग दंपति को उनके ही बेटों ने घर से बाहर निकाल दिया। अब दोनों पति-पत्नी शहर की फिजिकल रोड पर अस्थाई दुकान लगाकर जूते-चप्पल सिलने का काम कर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
पीड़ित श्रीपत जाटव ने बताया कि वह अपनी पत्नी गुड्डी जाटव के साथ पिछले तीन दिनों से फिजिकल रोड पर बैठकर जूते-चप्पल सिलने का काम कर रहे हैं। इसी काम से दोनों का भरण-पोषण हो रहा है।
श्रीपत जाटव का आरोप है कि उनके तीन बेटे — देवेंद्र जाटव, जगदीश जाटव और विजय जाटव — उनसे पैसों की मांग करते थे। जब उन्होंने रुपए देने में असमर्थता जताई तो विवाद बढ़ गया और बेटों ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।
बुजुर्ग दंपति का कहना है कि अब पेट पालने के लिए उन्हें सड़क किनारे बैठकर मेहनत करनी पड़ रही है। उन्होंने बेटों पर शराब पीने के आरोप भी लगाए हैं।
सबसे मार्मिक बात यह है कि जिस जगह दोनों जूते-चप्पल सिलने का काम करते हैं, वहीं उन्होंने छोटा सा चूल्हा भी बना रखा है। उसी स्थान पर वह अपना खाना बनाते हैं और रात में वहीं रहकर गुजारा करते हैं। बुजुर्ग दंपति की हालत देखकर राहगीरों की आंखें भी नम हो रही हैं।







