पोहरी। शिवपुरी जिले की पोहरी कृषि उपज मंडी से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां करीब 20 लाख रुपये कीमत की सरसों से भरा ट्रक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। घटना के बाद मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यापारी वर्ग का आरोप है कि बिना दस्तावेजों की सही जांच किए ट्रक को गेटपास जारी कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार 6 मई की शाम करीब 8:35 बजे पोहरी मंडी से सरसों से भरा ट्रक शमशाबाद के लिए रवाना हुआ था। ट्रक को सुबह करीब 5 बजे तक गंतव्य पर पहुंचना था, लेकिन तय समय तक वाहन नहीं पहुंचा। इसके बाद व्यापारी लखन धाकड़ ने ट्रांसपोर्ट कंपनी से संपर्क किया। कंपनी द्वारा ड्राइवर से संपर्क करने पर मोबाइल की आखिरी लोकेशन कैलारस क्षेत्र में मिली, जिसके बाद से ट्रक और ड्राइवर दोनों लापता बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जिस ट्रक में माल भरा गया था, उसकी नंबर प्लेट संदिग्ध और फर्जी हो सकती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मंडी प्रशासन ने वाहन के दस्तावेज, ड्राइवर का लाइसेंस, आधार कार्ड और अन्य आवश्यक कागजों की जांच किए बिना गेटपास कैसे जारी कर दिया।
व्यापारियों का कहना है कि मंडी से माल बाहर भेजने से पहले गाड़ी नंबर, ड्राइवर की पहचान और वाहन संबंधी दस्तावेजों की जांच अनिवार्य रूप से की जाती है। इसके बावजूद फर्जी नंबर प्लेट वाले ट्रक का आसानी से मंडी से निकल जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते दस्तावेजों की सही जांच की जाती तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था। अब मंडी प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
ट्रक और ड्राइवर की सूचना देने पर 11 हजार का इनाम
लखन ट्रेडर्स पोहरी की ओर से घोषणा की गई है कि ट्रक या ड्राइवर की सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को 11 हजार रुपये का नगद इनाम दिया जाएगा। व्यापारी ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को ट्रक या चालक के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत सूचित करें।
व्यापारियों में नाराजगी, जांच की मांग
स्थानीय व्यापारियों और नगरवासियों का कहना है कि मंडी में प्रतिदिन लाखों रुपये का व्यापार होता है। ऐसे में दस्तावेजों की जांच में लापरवाही बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। व्यापारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल व्यापारी और नगरवासी ट्रक और ड्राइवर के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं यह मामला अब पोहरी मंडी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।










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