शिवपुरी। शिवपुरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक प्रेमी जोड़ा नवजात बच्चे के डीएनए परीक्षण को लेकर विरोध जताने पहुंच गया। विवाद के दौरान दोनों ने अपने 15 दिन के नवजात बच्चे को जमीन पर रख दिया, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर एसडीओपी संजय चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और काफी देर तक समझाइश देकर मामले को शांत कराया।
जानकारी के अनुसार मामला कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 22 दिसंबर 2024 को एक नाबालिग लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। करीब एक माह पहले पुलिस ने नाबालिग को नवीन राठौर नामक युवक के साथ दस्तयाब किया था। इस दौरान युवती के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने पर आरोपी युवक पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं और उसे जेल भेज दिया गया था।
बताया गया है कि नवीन राठौर को 27 अप्रैल को जमानत मिल गई थी। वहीं लगभग 15 दिन पहले युवती ने बच्चे को जन्म दिया। गुरुवार को प्रेमी जोड़ा एसपी कार्यालय पहुंचा और आरोप लगाया कि पुलिस उन पर जबरन डीएनए जांच कराने का दबाव बना रही है। युवती का कहना था कि वह अब बालिग हो चुकी है, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि वर्ष 2011 दर्ज है।
हंगामे के दौरान पुलिसकर्मियों ने दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए। बाद में एसडीओपी संजय चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और दोनों को अपने वाहन से रवाना कराया। हालांकि कुछ दूरी पर जाकर प्रेमी जोड़े ने फिर विवाद शुरू कर दिया और एक महिला पुलिस अधिकारी पर मारपीट के आरोप लगाए।
स्थिति बिगड़ती देख कोतवाली प्रभारी रोहित दुबे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों के वकील को बुलाकर पूरी कानूनी प्रक्रिया समझाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में नवजात, युवती और युवक तीनों का डीएनए परीक्षण कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। काफी देर चली समझाइश के बाद प्रेमी जोड़ा डीएनए जांच कराने के लिए राजी हो गया और बाद में शांत होकर अपने घर रवाना हो गया।







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