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PM आवास: ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई से इंकार, 4.93 करोड़ का सब स्टेशन बनाने नपा पर पैसा नहीं / Shivpuri News

शिवपुरी: मेडिकल कॉलेज के पीछे नगर पालिका का 1030 आवासों का प्रधानमंत्री आवास प्रोजेक्ट साल दर साल पिछड़ता जा रहा है। प्रोजेक्ट के लिए जब बिजली सप्लाई देने की बारी आई तो कंपनी ने सीधे ट्रांसफार्मर से सप्लाई देने से साफ इनकार कर दिया। नगर पालिका के सामने सब स्टेशन का प्रस्ताव रखा। नगर पालिका के पत्र पर कंपनी ने काफी इंतजार कराने के बाद 4.93 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया लेकिन सब स्टेशन के लिए नगर पालिका के पास इतना पैसा नहीं है। बिना बिजली अावास में हितग्राही शिफ्ट नहीं हो सकेगे।

यानी यह दीवाली भी उन्हें किराए के घर में ही मनानी पड़ेगी। नगर पालिका 1030 में से 691 आवास हितग्राहियों को आवंटित (अलॉटमेंट) कर चुकी है। इनमें से करीब 300 आवास ऐसे हैं जिनमें बिजली की व्यवस्था हो जाए तो हितग्राही रह सकते हैं लेकिन बिजली कंपनी के सब स्टेशन वाले विकल्प की वजह से गरीबों के लिए अपने घर का सपना अधूरा रह गया है। हितग्राहियों को उम्मीद थी कि साल 2019 से लेकर साल 2021 तक की दीवाली अपने नए घरौंदे में नहीं मना पाए, लेकिन साल 2022 की दीवाली वे अपने घर में मनाएंगे लेकिन इस बार भी उन्हें किराए के घर में ही दीवाली मनाना पड़ेगी। अधिकांश हितग्राही बुकिंग की रकम के बाद अपने हिस्से की अंशदान राशि भी पूरी जमा करा चुके हैं लेकिन अभी तक रहने के लिए आवास नहीं मिल पाए हैं।

देरी के कारण: अधूरे प्रोजेक्ट के लिए नगर पालिका के पूर्व अफसर जिम्मेदार
केंद्र व राज्य से प्रति हितग्राही 3 लाख रु. सब्सिडी राशि से आवास प्रोजेक्ट का काम तेजी से चला। 2 लाख रु. हितग्राही अंशदान व 1 लाख रु. नगर पालिका को अलग से फ्लैट बेचकर मुहैया कराना थे। हितग्राही अंशदान तो आने लगा, लेकिन नपा अपनी तरफ से खर्च के लिए पैसे आज तक नहीं जुटा पाई है। फ्लैट नहीं बिके तो प्लॉट बेचने का मसौदा बनाया, जिसकी चार से शुरूआत तक नहीं हुई है। कोविड-19 की वजह से काम प्रभावित रहा। अब बिजली की समस्या बड़ा कारण है।

आगे क्या: शासन को प्रस्ताव भेजेगी नपा
आवास प्रोजेक्ट के तहत 1030 आवासों के लिए बिजली मुहैया कराने कंपनी ने 24.66 लाख रु. का डिमांड नोट नगर पालिका को भेजा है। सब स्टेशन की लागत 4.93 करोड़ रुपए बताई है। नगर पालिका ने डिटेल एस्टीमेट व डिजाइन की कॉपी मांगी है। उसी आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजकर बजट मांगा जाएगा। शासन से बजट मिलने में कितना समय लगेगा, इसे लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता।

जानें: 18 महीने का आवास प्रोजेक्ट 66 महीने बाद भी अधूरा
पीएम आवास प्रोजेक्ट का काम अप्रैल 2017 में प्रारंभ हुआ था और 18 महीने में पूरा होना था। सितंबर 2018 में काम पूरा होने के साथ ही आवास आवंटित होने थे। सितंबर 2019, सितंबर 2020, सितंबर 2021 बीते के बाद अब सितंबर 2022 भी निकल चुका है। एक भी हितग्राही को आवास रहने नहीं मिला है।

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