करैरा। पुलिया बनाने के विवाद में पुलिस और जनता की झड़प के दौरान हुए लाठीचार्ज में अपनी मां की गोद में बैठे 1 साल के मासूम शिवा की मौत हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी देर रात तक करैरा भितरवार रोड को जाम करके बैठ रहे। मौके पर उपिस्थत कलेक्टर एसपी प्रदर्शनकारियों को समझाते रहे और अंत में पुलिस को शिवा की मौत के मामले में 2 एसआई सहित 3 लोगों पर हत्या और एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। इस घटना में एसआई राघवेंद्र यादव के सिर में पत्थर लगने के कारण गंभीर घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए ग्वालियर रैफर किया गया। मामले में पुलिस ने अशोक जाटव के आवेदन पर से एसआई अजय मिश्रा, एसआई जगदीश रावत व मलखान नाई के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
लेकिन मामले को लेकर एक नया मोड़ आया हैं यहां मलखान के भाई जितेंद्र सेन ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। आवेदन में बताया कि घटना दिनांक के दिन उसका भाई मौके पर मौजूद ही नहीं था वह ट्रेक्टर-ट्रॉली बनवाने के लिए उप्र गया हुआ था जिसका सबूत टोल टैक्स का सीसीटीवी फुटेज व पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज के साथ जिस दुकान पर वह ट्रेक्टर-ट्रॉली बनवाने गया उसका मालिक है। इसलिए उसके भाई का नाम एफआईआर से हटाकर अशाेक जाटव के खिलाफ झूठी रिपोर्ट लिखाने का मामला दर्ज करें।
कलेक्टर को दिए आवेदन में जितेंद्र पुत्र लालाराम सेन ने बताया कि उसका भाई मलखान पुत्र लालाराम नाई ग्राम गधाई थाना करैरा घटना वाले दिन मौके पर मौजूद नहीं था। वह ग्राम चिरगांव उप्र में ट्रेक्टर-ट्रॉली बनवाने गया था उसके साथ गांव का बंटी रावत साथ में था। मामले को लेकर ट्रॉली मालिक, टोल टैक्स रिक्शा पर फुटेज, पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जब्त कर जांच कर सकते हैं। इसलिए उसके भाई का नाम एफआईआर में से हटाया जाए और जिसने एफआईआर दर्ज करवाई है उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाए। वहीं घटना में घायल हुए राघवेंद्र यादव पर फरियादी व उसके परिवार के लोगों ने हमला किया है। मामले को लेकर जांच करवाई जाए और उसके भाई का नाम एफआईआर से हटवाया जाए।






Be First to Comment