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लाइन ब्लॉकेज की टेस्टिंग न करने पर सीवर प्रोजेक्ट कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी / Shivpuri News

शिवपुरी। शहर में सीवर प्रोजेक्ट काम कर रही जैन एंड राय फर्म को पीएचई ईई ने ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी कर ली है और इसके लिए शासन को पत्र भेज दिया है। कंपनी को कंडीशनल ब्लैक लिस्ट करने का प्रस्ताव दिया है, यानि पहले उसे प्रोजेक्ट को पूरा काम करना होगा। कंपनी के विरूद्ध यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है, क्योंकि वह डाली गई सीवर लाइन की टेस्टिंग करने में अनाकानी कर रही है। अब देखना यह है कि इस काम को जैन एंड राय ही पूरा करेगी या फिर दोशियान की तरह इसे भी ब्लैक लिस्टेड करके शेष काम दूसरों से कराया जाएगा।

शहर में डाली गई सीवर लाइन एक नहीं बल्कि दर्जनों जगह से ब्लॉक हो चुकी है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण अस्पताल चौराहे का वो सीवर चेंबर है जो बिना घरों के कनेक्शन किए ही ऐसा उफन रहा है कि उसे बं करने के फेर में पूरी इंजीनियरिंग फेल हो चुकी है। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि सीवर प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही इतनी जगह से ब्लॉक हो गया कि अब पूरे प्रोजेक्ट पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। पीएचई ईई इस समस्या को दूर करने के लिएसीवर लाइन टेस्टिंग करने के लिए जैन एंड राय फर्म से कहा, लेकिन वो अभी तक टेस्टिंग करने नहीं आई, इसलिए उसे ब्लैक लिस्टेड करने का पत्र भेजा गया है।

21 माह का प्रोजेक्ट साढ़े 8 साल भी अधूरा

सीवर प्रोजेक्ट का वर्क ऑर्डर जुलाई 2013 को जैन एंड रॉय को मिला था। यह प्रोजेक्ट 21 माह में पूरा होना था, लेकिन साढे 8 साल बाद भी अधूरा है। प्रोजेक्ट स्वीकृति के समय इसकी लागत 62 करोड रुपए थी, लेकिन इतने समय में 110 करोड़ रुपए तक लागत पहुंच गई जबकि प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

लोकायुक्त में भी दर्ज हो चुका है मामला

प्रोजेक्ट की निर्माण एजेंसी पीएचई ने इस योजना को नोट कमाने की मशीन समझ लिया था। यहीं वजह है कि पूर्व पीएचई ईई एसएल बाथम पर इसी प्रोजेक्ट के तहत लोकायुक्त में भी मामला दर्ज हो चुका है। इस मामले में सीवर लाइन डालने के लिए खोदी जाने वाली सडत्रक को मोटरेबल करके देने की जिम्मेदारी जैन एंड राय की थी, लेकिन कंपनी ने सडत्रक मोटरेबल न करके शहर को यूं ही खुदा छोड़ दिया। बावजूद इसके पीएचई ने कंपनी को लगभग 2.50 करोड रुपए का भुगतान सड़कों को मोटरेबल करने के नाम पर कर दिया था।

झीलों का संरक्षण था प्राजेक्ट का उद्देश्य

झील संरक्षण परियोजना के तहत शिवपुरी में सीवर प्रोजेक्ट स्वीकत हुआ था ताकि शहर के नालों में खोले गए सीवर के पाइपों को बंद करवाया जाकर तालाब और झीलों में जा रही सीवर की गंदगी को रोका जाए। इस पायलेट प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य झीलों को सीवर की गंदगी से मुक्त करके उसे साफ-सुथरा रखने के साथ ही उसके आसपास आकर्षक लाइटिंग आदि लगाकर सैलानियों के लिए तैयार करना था। झीलों को संरक्षित करने की दिशा में अभी तक कोई पहल नहीं की गई, बल्कि शहर को बर्वाद करने वाला यह प्रोजेक्ट अधिकारियों के लिए सफेद हाथी होकर चारागाह बन गया।

इनका कहना है

जैन एंड राय को ब्लैक लिस्टेट करने का प्रस्ताव भेजा है। उसे कंडीशनल ब्लैक लिस्ट करने के लिए लिखा है। जिसका मतलब है कि वो पहले पूरा काम कर लें, उसके बाद ब्लैक लिस्टेड किया जा रहा है। टेस्टिंग करने के लिए फर्म के जिम्मेदार शिवपुरी नहीं आ रहे, मैं कई बार कह चुका है।

एलपीसिंह, ईई पीएचई शिवपुरी।

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