कंटेनर चालक ने कंटेनर को तेजी व लापरवाही से चलाते हुए बार्ईक सवार
दम्पत्ति में टक्कर मार दी। इस घटना में बार्ईक पर पीछे बैठी महिला की मौके
पर ही दर्दनाक मौैत हो गर्ई जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना
की जानकारी जब पुलिस को लगी तो मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने
असंवेदनशीलता का परिचय देते हुए शव को उठाने में आनाकानी की और वहां से
वापस लौट गए। जिससे नाराज मृतक के परिजनों और वहां मौजूद लोगों ने हाईवे पर
जाम लगा दिया। जिससे तीन घंटे तक शव मौैके पर ही पड़ा रहा। बाद में
एसडीओपी और एसडीएम मौके पर पहुंचे जिन्होंने लोगों को समझाया तब कहीं जाकर
लोग सड़क से हटे। बाद में पुलिस शव को एम्बुलेंस की सहायता से पीएम हाउस
लाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोविन्द शाक्य अपनी पत्नि फूलवती
शाक्य को लेकर अपने गृह ग्राम बिलोकला से कल शिवपुरी में रहने वाले अपने
साले बल्लू शाक्य के घर राजपुरा रोड़ पर आया था। जहां रात्रि में नवरात्रि
महोत्सव के दौरान बल्लू के घर आयोजित आरती में वह शामिल हुए और आज सुबह
दोनों पति पत्नि अपने घर वापस जाने के लिए मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 33 एमएम
8265 से निकले थे। सुबह करीब 5:45 बजे जैसे ही गोविन्द शाक्य बालाजी स्टोन
फैक्ट्री के पास पहुंचा तभी पीछे से आ रहे कंटेनर क्रमांक एमपी 07 एचबी
0751 ने बार्ईक में टक्कर मार दी। इसके बाद भी कंटेनर चालक ने कंटेनर नहीं
रोका और बाईक को घसीटते हुए लगभग 200 मीटर दूर ले गया और सड़क के किनारे
जाकर पलट गया। इस घटना में गोविन्द शाक्य गंभीर रूप से घायल होकर मूर्छित
हो गया। जबकि उसकी पत्नि फूलवती कंटेनर की चपेट में आ जाने से घिसटते हुए
कंटेनर के साथ चली गई जहां उसके शरीर के परखच्चे उड़ गए और उसकी मौत हो गई।
पुलिस कर्मियों के असंवेदनशील रवैये पर भड़के लोग, किया चक्का जाम
दुर्घटना
की जानकारी सुबह स्थानीय लोगों ने डायल 100 को दी। जहां पुलिस मौके पर
पहुंची लेकिन मृतिका का और घायल को घटना स्थल से अस्पताल ले जाने तक की
जहमत नहीं उठाई यहां तक की पुलिस कर्मियों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ दिया
कि एम्बुलेंस न होने के कारण वह स्वयं अपने निजी वाहन से मृतक और घायल को
अस्पताल ले जायें। पुलिस कर्र्मियों की असंवेदनशीलता से वहां मौजूद मृतिका
के परिजन और स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा हो गया और उन्होंने चक्का जाम
कर दिया। लगभग 3 घंटे तक कोई भी पुलिस और प्रशासन का वरिष्ठ अधिकारी मौके
पर नहीं पहुंचा। इस दौरान शव घटना स्थल पर ही पड़ा रहा। जब हाईवे पर लम्बा
जाम लग जाने से आवागमन अवरूद्ध हो गया तो पुलिस सकते में आर्ई और मौके पर
एसडीओपी जीडी शर्मा व एसडीएम रूपेश उपाध्याय वहां पहुंचे जहां उन्होंने
नाराज लोगों से चर्र्चा की और दोषी पुलिस कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने
सहित मुआवजा दिलाने की बात कही और लोगों से जाम खोलने का अनुरोध किया। तब
कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
इनका कहना है
आज सुबह दुर्घटना
में लोगों ने पुलिस कर्मियों पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए जाम लगा
दिया था और तीन घंटे तक शव मौके पर पड़ा रहा। यह गलत है। इस पूरे मामले की
जांच करार्ई जाएगी और जो पुलिस कर्मी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्यवाही की
जाएगी।
सुनील कुमार पाण्डेय
पुलिस अधीक्षक शिवपुरी








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