करैरा। एसडीएम अनुराग निंगवाल के तबादले के विरोध में क्षेत्र के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि अनुराग निंगवाल के कार्यकाल में आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान होता था और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनी हुई थी।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उन्होंने भू-माफियाओं, अवैध उत्खनन और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिससे क्षेत्र की जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने करैरा विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए “विधायक मुर्दाबाद” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि एसडीएम का तबादला जनता की भावनाओं के विपरीत किया गया है। हालांकि, इस मामले में विधायक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एसडीएम अनुराग निंगवाल का तबादला निरस्त नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के किया गया यह तबादला क्षेत्र की जनता की भावनाओं के खिलाफ है।






