
खनियाधाना। खनियाधाना नगर के चेतनबाग स्थित नंदीश्वर जिनालय में चल रहे अठारह दिवसीय ज्ञानानंद महोत्सव के दौरान आज श्रुत पंचमी के अवसर पर नंदीश्वर जिनालय में विशाल शोभायात्रा निकाली गयी जिसमें एक ओर जहाँ षट्खण्डागम ग्रन्थ एवं धवला जी ग्रन्थ मस्तक पर ले कर चल रहे थे तो दूसरी ओर पूज्य गुरुदेव श्री कानजी स्वामी का चित्र ले श्रद्धालु चल रहे थे ।
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए डॉ. हुकम चंद जी भारिल्ल एवं ब्रह्मचारी सुमत प्रकाश जी ने श्रुत पंचमी पर्व के बारे में बताते हुए इसकी महिमा बतायी कि आज से लगभग दो हजार वर्ष पहले आज के ही दिन आचार्य धरसेन स्वामी की कृपा से पुष्पदंत एवं भूतबली मुनिराजों ने पहला जैन शास्त्र षट्खण्डागम की रचना पूर्ण की थी एवं तभी से जैन श्रुत परम्परा शास्त्रों के रूप में विद्यमान है । वर्तमान युग में जिनवाणी व समयसार जैसे महान ग्रन्थ हमारे सामने हैं इसमें आध्यात्मिक सत्पुरुष श्री कानजी स्वामी का विशेष योगदान है अतः आज के दिन उनका भी स्मरण होना स्वाभाविक है ।
कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी सचिन मोदी एवं मयंक सिंघई ने बताया कि शोभायात्रा का शुभारम्भ पांडाल से हुआ जिसमें शिक्षण-प्रशिक्षण शिविर की नियमित प्रवचन , कक्षाओं के बाद श्री प्रवचनसार मंडल विधान व श्रुतपंचमी पूजन का आयोजन हुआ , इसके बाद शोभायात्रा प्रारम्भ हुयी जिसमें सबसे आगे ब्रह्मचारिणी बहिनें षट्खण्डागम जी ग्रन्थ को मस्तक पर ले कर चल रहीं थी तथा बाद में धवला जी व पञ्च परमागम जी के ग्रन्थ ले कर शगुन जैन , नमन जैन जयपुर , सम्यक जैन सूरत , नरेश जैन शयोपुर , श्रद्धा जैन टीकमगढ़ , अरुण जैन भोपाल , कल्पना जैन करेली , रागिनी जैन इंदौर , मंजू जैन भोपाल , वीरेन्द्र जैन लखनऊ , अंकुर जैन पाली , सारिका जैन महाराष्ट्र कैलाश जैन , अनामिका सर्राफ इंदौर , प्रीती जैन , रविकांता जैन राधौगढ़ आदि चल रहे थे कार्यक्रम में ध्वजारोहण महेन्द्र जैन चौधरी परिवार भोपाल द्वारा किया गया तथा सभी जिनवाणी को मंदिर जी में विराजमान कर विशेष पूजन अर्चना की गयी






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