

करैरा।
अनुविभाग मुख्यालय पर नगर परिषद् के ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य अधूरा
छोडऩा आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी वाहन
चालकों को हो रही है। लेकिन इस ओर न तो नगर परिषद् ध्यान दे रही है और न
ही स्थानीय प्रशासन।
अनुविभाग मुख्यालय पर नगर परिषद् के ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य अधूरा
छोडऩा आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी वाहन
चालकों को हो रही है। लेकिन इस ओर न तो नगर परिषद् ध्यान दे रही है और न
ही स्थानीय प्रशासन।
जानकारी के मुताबिक नगर परिषद् द्वारा नगर
में 191 लाख की लागत से डामर व सीसी सड़क तथा नालों का निर्माण कराया जा
रहा है। यहां जानना जरुरी होगा कि इस कार्य का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री
नरेंद्र सिंह तोमर ने डेढ़ साल पहले किया था तथा इसके 8 माह बाद काम शुरू
हुआ तो सिर्फ डामर सड़क ही बन सकी। सड़क किनारे बनने वाले फुटपाथ पर सीसी
सड़क तथा नालों का निर्माण कार्य ठेकेदार ने अधूरा छोड़ दिया। इसके पीछे
ठेकेदार भुगतान न होना, सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण न हटना तथा बिजली खंभों व
ट्रांसफार्मरों का शिफ्टिंग न किया जाना कारण बता रहा है। वहीं दूसरी ओर
प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा है। यहां बताना
जरूरी होगा कि यह निर्माण कार्य बीते चार माह से रुका हुआ है। नगर परिषद्
से मिली जानकारी के मुताबिक पूरा कार्य की राशि 191 लाख है। जिसके तहत
पुलिस चौकी से लेकर वन विभाग चौकी तक डामर सड़क तथा सड़क के दोनों ओर सीसी
फुटपाथ के अलावा 600-600 मीटर के नालों का निर्माण किया जाना है। वर्तमान
में एक तरफ 200 मीटर तथा दूसरी 250 मीटर का नाला बनाया जा चुका है जबकि
अधूरे पड़े नाले की वजह से गंदगी एकत्रित हो रही है।
में 191 लाख की लागत से डामर व सीसी सड़क तथा नालों का निर्माण कराया जा
रहा है। यहां जानना जरुरी होगा कि इस कार्य का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री
नरेंद्र सिंह तोमर ने डेढ़ साल पहले किया था तथा इसके 8 माह बाद काम शुरू
हुआ तो सिर्फ डामर सड़क ही बन सकी। सड़क किनारे बनने वाले फुटपाथ पर सीसी
सड़क तथा नालों का निर्माण कार्य ठेकेदार ने अधूरा छोड़ दिया। इसके पीछे
ठेकेदार भुगतान न होना, सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण न हटना तथा बिजली खंभों व
ट्रांसफार्मरों का शिफ्टिंग न किया जाना कारण बता रहा है। वहीं दूसरी ओर
प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा है। यहां बताना
जरूरी होगा कि यह निर्माण कार्य बीते चार माह से रुका हुआ है। नगर परिषद्
से मिली जानकारी के मुताबिक पूरा कार्य की राशि 191 लाख है। जिसके तहत
पुलिस चौकी से लेकर वन विभाग चौकी तक डामर सड़क तथा सड़क के दोनों ओर सीसी
फुटपाथ के अलावा 600-600 मीटर के नालों का निर्माण किया जाना है। वर्तमान
में एक तरफ 200 मीटर तथा दूसरी 250 मीटर का नाला बनाया जा चुका है जबकि
अधूरे पड़े नाले की वजह से गंदगी एकत्रित हो रही है।
इसलिए आ रही परेशानी
ठेकेदार
ने सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बनाने के लिए खुदाई कर कार्य को अधूरा छोड़
दिया है। निर्माण में प्रयुक्त मटेरियल इधर उधर बिखरा पड़ा है। जिससे
वाहनों को आने जाने में परेशानी आ रही है। ठेकेदार का कहना है कि दोनों ओर 8
मीटर चौड़ीकरण होना है जिसमें अतिक्रमण बाधा बन रहा है। यह अतिक्रमण हटाने
का काम नगर परिषद् का है लेकिन उसने अभी इसे नहीं किया है।
ने सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बनाने के लिए खुदाई कर कार्य को अधूरा छोड़
दिया है। निर्माण में प्रयुक्त मटेरियल इधर उधर बिखरा पड़ा है। जिससे
वाहनों को आने जाने में परेशानी आ रही है। ठेकेदार का कहना है कि दोनों ओर 8
मीटर चौड़ीकरण होना है जिसमें अतिक्रमण बाधा बन रहा है। यह अतिक्रमण हटाने
का काम नगर परिषद् का है लेकिन उसने अभी इसे नहीं किया है।
ठेकेदार ने यह गिनाएं कारण
पुलिस
सहायता केंद्र से वन उपज बैरियर तक डामरीकरण हो चुका है लेकिन भुगतान नही
हुआ। ऐसे में मैं आगे कार्य कैसे जारी रखूं। पुलिस चौकी सहायता केंद्र पर
बने अस्थाई बस स्टैण्ड पर बसों के खड़े होने के लिए जगह तक नही है सड़क पर
बसे खड़ी हो रही है । डीपी शिप्ट करने का टेण्डर अभी तक नहीं हुआ है। जिससे
नाला निर्माण रुका हुआ है । नि स्थानों पर नाला बनाया जाना है, वहां पर
कच्चे पक्के अतिक्रमण हैं। जिन्हें नप ने अभी तक नही हटाया है। हम इस संबंध
में मंै 10 लेटर नगर परिषद् को दे चुका हूं। इसके बाद भी नप सहयोग नही कर
रही है। यदि नप स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण हटा देती है तो हम काम शुरू कर
दें।
सहायता केंद्र से वन उपज बैरियर तक डामरीकरण हो चुका है लेकिन भुगतान नही
हुआ। ऐसे में मैं आगे कार्य कैसे जारी रखूं। पुलिस चौकी सहायता केंद्र पर
बने अस्थाई बस स्टैण्ड पर बसों के खड़े होने के लिए जगह तक नही है सड़क पर
बसे खड़ी हो रही है । डीपी शिप्ट करने का टेण्डर अभी तक नहीं हुआ है। जिससे
नाला निर्माण रुका हुआ है । नि स्थानों पर नाला बनाया जाना है, वहां पर
कच्चे पक्के अतिक्रमण हैं। जिन्हें नप ने अभी तक नही हटाया है। हम इस संबंध
में मंै 10 लेटर नगर परिषद् को दे चुका हूं। इसके बाद भी नप सहयोग नही कर
रही है। यदि नप स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण हटा देती है तो हम काम शुरू कर
दें।
दामोदर पोद्धार, निर्माण ठेकेदार






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