तो आपने सरपंच सचिब के भ्रष्टाचार के अनेको किस्से सुने होंगे। परंतु यह
मामला सुनकर आपको भी अजीब लगेगा। इस पंचायत के सरपंच की दरियादिली के आगे
हर कोई सोचने को मजबूर हो जाएगा। कारण है कि जब सरपंच की बात विभाग ने नहीं
सुनी तो फिर सरपंच ने प्यासी पब्लिक को पानी पिलाने के लिए खुद की जेब से
70 हजार रूपए लगाकर प्यासी पब्लिक को पानी उपलब्ध कराया।
जानकारी के अनुसार लुकबासा ग्राम पंचायत के सरपंच रीना जाटव की पंचायत में
पिछले तीन माह पूर्व कोई शरारती तत्ब नल जल योजना के टयूबवैल में पत्थर
डालकर बंद कर गए। जिससे लुकवासा की पब्लिक पीने के पानी के लिए मोहताज हो
गई। पब्लिक में पानी के लिए हाहाकार मच गया। दलित महिला सरपंच ने इस बात की
शिकायत पीएचई सहित एसडीएम से कई बार की पर कोई सुनने को तैयार नहीं था।
पिछले तीन माह पूर्व कोई शरारती तत्ब नल जल योजना के टयूबवैल में पत्थर
डालकर बंद कर गए। जिससे लुकवासा की पब्लिक पीने के पानी के लिए मोहताज हो
गई। पब्लिक में पानी के लिए हाहाकार मच गया। दलित महिला सरपंच ने इस बात की
शिकायत पीएचई सहित एसडीएम से कई बार की पर कोई सुनने को तैयार नहीं था।
अब प्यासी पब्लिक को संभालने के लिए दलित महिला सरपंच ने दरियादिली दिखाई
और अपनी जेब से 70 हजार रूपए खर्च कर प्यासी पब्लिक के लिए बोर का पुन: खनन
कर फिर से चालू करबाया। जिससे प्यासी जनता में सरपंच की दरियादिली बस गई।
और अपनी जेब से 70 हजार रूपए खर्च कर प्यासी पब्लिक के लिए बोर का पुन: खनन
कर फिर से चालू करबाया। जिससे प्यासी जनता में सरपंच की दरियादिली बस गई।
बताया गया है कि इस पंचायत में महिला दलिस सरपंच सहित सभी जनप्रतिनिधि दलित
होने से दबंग आए दिन इस तरह की हरकतों को अंजाम देकर पब्लिक को परेशान
करते रहते है। पर इसमें दबंगों के आगे कोई भी नहीं आना चाहता।
होने से दबंग आए दिन इस तरह की हरकतों को अंजाम देकर पब्लिक को परेशान
करते रहते है। पर इसमें दबंगों के आगे कोई भी नहीं आना चाहता।





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