कोलारस। तहसीलदार नवनीत शर्मा के स्थानांतरण के बाद राजस्व विभाग की गाडी पटरी पर नही आ पा रही है। आरआई स्तर के कर्मचारियो को कोलारस तहसील में तहसीलदार की कुर्सी पर पदस्थ किये जाने के बाद यहां के राजस्व विभाग ने भ्रष्टïाचार की वह इवारत लिख डाली कि बर्तमान में पदस्थ अधिकारियो के लिए सकेलना टेढी खीर सावित हो रही है। पूर्व के तहसीलदारो ने जेवे भरने के चक्कर में कुछ हल्को पर ऐसे दलाल तैनात कर दिये थे। जो सीधे तौर पर तहसील में प्राईवेट तौर पर कम्प्यूटर चलाने बाले से सम्पर्क में रहने लगे। इन हल्को मेें मेहत्वपूर्ण रूप से साखनौर हल्का में दर्जनो ऐसे नामांतरण बटवारा हुये जिनमें प्रकरण दर्ज होना आवश्यक था। अब धीेरे धीरे उनकी पर्ते खुलती जा रही है। एक धडे ने इन कारनामो में तहसील के रीडर को प्रभाव हीन कर जम कर दलाली की। जिससे कई बार रीडर पटवारी और निजी दलालो में अधिकारियो के सामने जम कर तू तू मैं मैं हुई। वहीं तहसील में पदस्थ रीडर भी पुराने प्रकरणो को निराकरण न करने पर अड गये। जिसके चलते तहसीलदारो ने भी उन पर ध्यान नही दिया। और लेन देन के कामो को ही तरजीह दी गई। जिसके चलते राजस्व विभाग में पदस्थ रीडर भी दमनकारी होने लगे है। अधिकारी के सामने पक्षकारो से दुव्र्यवहार किया जा रहा है। जिसकी शिकायत हमारे संबाददाता विवेक व्यास से अनंतपुर के एक रघुवंशी युवक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि साखनौर हल्का के पटवारी द्वारा लेन देन कर सीधे पंजी पर काम किये गये है। जब मैने संबंधित आदेश की इस हल्के की एक प्रकरण पुस्तिका का आवेदन लगाया। तो रीडर द्वारा मुझे भला बुरा कहा गया और तीन माह तक परेशान किया गया। प्रकरण किसी डेट में दर्ज किये जा रहे है और मुझे अन्य तारीख देकर और मेरे 90 वर्षीय दादा को परेशान किया जा रहा है। इस मामले को लेकर मैने रीडर की शिकायत भी कलैक्टर जन सुनवाई और 181 पर की है। वहीं सीधे एसडीएम महोदय से भी इसकी शिकायत कर सीएम हाउस को भी राजस्व के भ्रष्टïाचार से सूचित कर दिया है। यदि साखनौर हल्का के एक साल पूर्व में हुये नामांतरण और वटवारो की जांच हो तो ऐसे कई घोटाले उजागर होगे कि पटवारी सहित अधिकारियो को भी जेल की हवा खाना पडे। ज्ञात हो कि तहसीलदार नवनीत शर्मा के बाद राजस्व विभाग की हालत भ्रष्टïाचार के चलते खस्ता हो गई है। कई पटवारियो पर गंभीर जांचे चल रही है। जिला कलैक्टर के आदेश के बाद भी सेवा से प्रथक की कार्यवाही न करते हुये भ्रष्टï पटवारियो को संरक्षण दिया जा रहा है। तहसील के भ्रष्टïचार के चलते कई वकीलो ने तो राजस्व संबंधी प्रकरणो के काम ही बंद कर दिये है। बर्तमान में चूकि ईमानदार एसडीएम पदस्थ है तो कई वकील अब एसडीएम न्यायायल के काम लेने लगे है। राजस्व विभाग का चरम सीमा पर पहुंचा भ्रष्टïाचार भाजपा की जडो को खोकला कर रहा है। भाजपाई उप चुनाव में जीत के लिए अपनी योजनाओ का बाजा बजा रहे है लेकिन उनके क्रियान्वयन की जो भयाभय स्थिति राजस्व विभाग में निर्मित है। उससे ऐसा प्रतीत होता है कि परेशान जनता अब भाजपा को सबक सिखाने के मूड में है।
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मडीखेडा- डेहरवारा जांच हवा में
राजस्व विभाग मडीखेडा -डेहरवारा सम्मलित हल्को की बेची गई 175 वीघा जमीन की जांच को भरपूर दबाने का प्रयास कर रहा है। सव रजिस्टार शिवपुरी श्रीवास्तव भी इस घोटाले की आग से अपना दामन बचाने के भरपूर प्रयास में राजस्व पर ही पूरा ठीकरा फोड रहे है। लेकिन रजिस्ट्री से पहले यदि इतनी लम्बी जमीन के विक्रय से पहले यदि मौका निरीक्षण रिपोर्ट उप पंजीयक द्वारा नही लगाई गई तो जांच की जद में इस विभाग का आना भी अनिवार्य है। जबकि हालात यह है कि कोलारस तहसील में जांच तो दूर की बात तहसीलदार महोदय को उक्त जमीनो के सर्वे नम्बरो की ही जानकारी नही है। जब हमने उनसे सर्वे नम्बर मांगे तो उन्होने विक्रेता के नाम किसी भी कम्प्यूटर से निकालने की बात कह कर पल्ला झाड लिया। यह तय है उक्त प्रकरण में जांच तो प्रभावी तौर पर होगी। लेकिन महज राजस्व की भरपाई कर प्रकरण को बंद किया जाना करोडो के भ्रष्टïाचार को पोषित करना होगा। इस भ्रष्टïाचार में जिन पटवारियो, रीडर, तहसीलदार एवं वरिष्ठ अधिकारियो की सह भागीता रही है। उन पर गंभीर जांच कराना आवश्यक है। वरना इस भ्रष्टïाचार से सीख लेकर राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी और अधिक बडे भ्रष्टïाचार करेगे। यही बात हमने पूर्व में सूखा राहत की राशि वितरण में बरती अनिमित्ता के समय उजागर की थी कि सूखा राहत में जिन पटवारियो ने गंभीर भ्रष्टïाचार किये थे उन पर जांच कर सेवा से प्रथक की कार्यवाही हो किन्तु ऐसा नही हुआ। जिसके चलते उक्त राजस्व चोरी का काण्ड कराने में राजस्व विभाग ने केाई सोच नही की।
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इनका कहना है
उक्त भूमि का जब विक्रय हुआ था तो उसके बाद मैने वहां जाकर मौका देखा था जिसमें हजारो कटे हुये पेड के डूट नजर आ रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियो ने इस चीज को नजर अंदाज किया वडे हेरत की बात है। हम भाजपा शासन में इस प्रकार के भ्रष्टïाचार सहन नही करेगे साथ ही दोषियो पर कार्यवाही के लिए शीघ्र ही भोपाल जाकर राजस्व मंत्री से चर्चा करूंगा।
किशन रावत
जिला मंत्री भाजपा किसान मोर्चा





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