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सेवा सहकारी संस्था में गेहूं खरीदी घोटाला चर्चा में  पूर्व में मार्च अप्रेल में की गई खरीदी में भ्रष्टïाचार किसान के प्रति क्विंटल पर काटे 1 किलो गहूं प्रभारी मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियो तक पहुंची शिकायत

कोलारस। भाजपा शासन में नित नये नये घोटाले उजागर हो रहे है ऐसा लगा रहा है विभागीय भ्रष्टïाचार भाजपा को ले डूवने में कोई कोर कसर नही छोडेगा। हालात यह है कि विभागी स्तर पर गरीब, निर्धन किसानो को नही छोडा जा रहा है। सेवा सहाकारी संस्थाऐं जो किसानो के उत्थान को लेकर बनाई गई थी। अब वे ही किसानो का शोषण करने पर उतारू हो गई है। ऐसा ही मामला सेवा सहकारी संस्था कोलारस पूर्व मार्च अप्रेल में हुई गेहूं खरीदी का सामने आया है। उक्त गेहूूं खरीदी में जिन खातो में पैसे डाले गये है उन की जांच हो जाये तो उक्त विभाग के कर्मचारियो का भ्रष्टïाचार सामने आ जायेगा। कृषि उपज मण्डी कोलारस में पहले तो निमय को ताक पर रख कर सेवा सहकारी संस्था ने जो खरीदी कि वह पडोरा सायलो बैग पर की जानी थी। किन्तु दलाली और नोट कमाने के चक्कर में वरिष्ठ अधिकारियो से सांठ गांठ कर सेवा सहकारी संस्था ने गेहूं खरीदी में लाखो का घोटाला कर डाला। जिसकी गंभीर जांच होना अत्यंत आवश्यक है। हालाकि पूर्व में भी कई जांचो के संकेत हमें प्राप्त हुये लेकिन लेन देने कर उन्हे दवा दिया गया। उक्त गेहूं घोटाले की जांच किसान मुकेश गौड, मुकेश शर्मा, लटटूराम कुशवाह द्वारा सीएम हैल्प लाईन पर इस आश्य से की गई थी कि सभी किसानो से 1 क्विंटल पर 1 किलो गेहूं खरीदी केन्द्र पर तैनात प्रभारी सिसिर जादौन और शिखर चन्द्र जैन द्वारा काट कर हजारो क्विंटल गेंहू बचा कर लाखो का धंधा किया और इसमें वरिष्ठ अधिकारियो से सांठ गांठ कर दबा दिया। उक्त आश्य की शिकायत मुकेश गौड द्वारा 26 नवम्बर 17 को शाखा प्रबंधक से की गई कि 1 क्विंटल पर 1 किलो गेहूं काटा गया है उसकी जांच की जाये किन्तु जांच को दबाने का प्रयास करते हुये सेवा सहाकारी संस्था ने अपना घोटाला स्वयं शावित करते हुये 4550 रूपये की राशि 26 नवम्बर 17 को मुकेश गौड के खाते क्रमांक 6720538337111 में डाल दिये गये। जिससे उक्त घोटाला स्वयं प्रमाणित हो गया। उक्त बैंक में कुछ कर्मचारी 30 वर्षो से नियुक्त है जिन्होने ने इस बैंक को खोकला करने में कोइ्र कसर नही छोडी उक्त घोटाला भी इन्ही कर्मचारियो की देन है जिसके चलते उक्त बैंक में कई ऐसे भ्रष्टï कृत्य हुये है जिनकी यदि गंभीर जांच हो जाये तो जेल की हवा खाना तय है। हालाकि कई जांचे हो चुकी है दोष भी सिद्घ हुये है एफआईआर के लिए सूचना भी जारी की गई है। किन्तु लेन देन कर मामलो को यथा स्थिति में बनाये रखने का प्रयास किया है। ज्ञात हो कि पूर्व में उक्त बैंक के उत्तरदायि कर्मचारियो द्वारा बैंक की समपत्ति सैंकडो ड्रम और पुराने ट्रैक्टर, ट्रॉली अबैध तरीके से बेच कर पूरी राशि खुर्द बुर्द कर दी। जिसकी लिखित शिकायत पुलिस अधिक्षक से की जा चुकी है किन्तु आज भी एफआईआर दर्ज नही हुई। 

बॉक्स

इनका कहना है

उक्त बैंक द्वारा गेहूं खरीदी से लेकर कई कार्यो में किसानो के साथ गंभीर धोखा धडी की है। यहां वर्षो से पदस्थ कर्मचारी किसानो का शोषण कर रहे है आज भी किसान बीमा राशि के लिए भटक रहे है। गेहूं खरीदी में किसानो की फसल को सीधा सीधा कर्मचारियो द्वारा चोरी किया गया है। नियमानुसार गेंहू खरीदी ५० किलो वोरी के हिसाव से करनी थी किन्तु सीधे धर्म कांटे पर गेहूं तुला कर धर्म कांटा बालो को लाभ पहुंचायाय गया है और उक्त राशि किसान से बसूल की गई है। पूर्व में हुई गेहूं खरीदी की गंभीर जाचं किया जाना आवश्यक है ताकि भ्रष्टï कर्मचारियो पर दण्डात्म कार्यवाही हो सके।

मुकेश गौड

किसान कोलारस

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