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भोपाल का कृष्णा नहीं निकला पतारा में मिला शिशु, शिशु गृह में पहुंचे भोपाल की दंपत्ति ने अपना बालक होने से किया इंकार

भोपाल से अगवा अपने बालक की तलाश में आए थे दंपत्ति
शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पतारा गांव में मिला आठ माह का बच्चा भोपाल का कृष्णा नहीं है। अपने बालक की तलाश में भोपाल से आए दंपत्ति ने रविवार की रात को ग्वालियर के शिशु गृह में पहुंचने के बाद वहां पर भर्ती पतारा में मिले बालक को देखने के बाद कहा कि यह बालक उनका नहीं है। गौरतलब है कि भोपाल की शाहजहांनाबाद थाने की पुलिस रविवार को एक दंपत्ति को लेकर शिवपुरी आए थे जिसमें उन्होंने पतारा में मिले बालक को इस दंपत्ति को दिखाया था कि कहीं यह बालक भोपाल से अगवा कृष्णा तो नहीं है। गौरतलब है कि पिछले तीन सितंबर को भोपाल के शाहजहानाबाद थाने से एक आठ माह का बालक अगवा हुआ है। जिसे जन्माष्टमी के दिन कृष्ण बनाने के नाम पर दो युवक उसे अगवा कर ले गए। जिस बालक का अपहरण हुआ है उसके पिता राकेश डोडियार और मां पारो डोडियार रविवार को शिवपुरी आए थे। इस दौरान भोपाल पुलिस की केस फाइल में बालक का जो फोटो था और शिवपुरी में मिले बालक का फोटो मिलाया गया तो बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने दोनों फोटो को अलग-अलग पाया। फोटो मैच ना होने पर बाल कल्याण समिति ने उक्त दंपत्ति को ग्वालियर भेजा यहां पुलिस और चाइल्ड लाइन के सामने बच्चे की पहचान कराई गई जिसमें भोपाल से आए दंपत्ति ने शिशु गृह में भर्ती बच्चे को अपना ना होना बताया।
क्या कहा अध्यक्ष ने —
जो बालक पतारा गांव में मिला है उसके परिजनों का पता करने के प्रयास किए जा रहे हैं। चाइल्डलाइन और विशेष किशोर पुलिस इकाई को लापता मिले बालक के परिजनों को पता लगाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा मिसिंग चाइल्ड वेबसाइट पर भी बच्चे के फोटो अपलोड किए जा रहे हैं जिससे बच्चे के परिजनों की का पता लगाया जा सके।
डॉ- अजय खेमरिया

अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति शिवपुरी
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