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चर्चित गणवेश घोटाले के विरोध में कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट के सामने दिया धरना

राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की
शिवपुरी। जिला कांग्रेस ने शिवपुरी जिले के चर्चित स्कूली गणवेश घोटाले के विरोध में आज कलेक्टर कार्यालय के सामने दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कांग्रेस ने महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर शिल्पा गुप्ता को जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव के नेतृत्व में सौंपा। इसके पूर्व धरना स्थल पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री हरवीर सिंह रघुवंशी, कांग्रेस प्रवक्ता राकेश जैन आमोल, कांग्रेस नेता भरत रावत, अनिल उत्साही, इरशाद पठान, कपिल भार्गव आदि नेताओं ने विचार व्यक्त करते हुए गणवेश घोटाले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवपुरी जिले में 2 लाख 40 हजार स्कूली बच्चों को 600 रूपए प्रति छात्र के मान से गणवेश 15 सितम्बर 2018 तक उपलब्ध कराना था जिसके लिए 14 करोड़ 40 लाख रूपए की राशि जिले के लिए प्राप्त हुई है। आरोप है कि गणवेश के लिए जो कपड़ा खरीदा गया है वह गुणवत्ताविहीन है तथा इस खरीद में लगभग 10 करोड़ रूपए का घोटाला किया गया है। यह मामला प्रकाश में आने के बाद जिला कांग्रेस ने जांच की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। धरना देने के बाद कांग्रेसी दोपहर 1 बजे कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां ज्ञापन लेने के लिए अतिरिक्त कलेक्टर मौके पर आए, लेकिन कांग्रेसियों ने कहा कि कलेक्टर की कार्यालय में उपस्थिति है और वह उन्हें ही ज्ञापन देंगे। ज्ञापन में जिला कांग्रेस ने बताया कि गणवेश वितरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का आभार है। शासन के नियमानुसार टेण्डर अथवा कुटेशन की प्रक्रिया अपनाई जाकर उक्त ड्रेसों के कपड़ों की खरीद की जानी थी, लेकिन आजीविका मिशन द्वारा पहले तो शिवपुरी के व्यापारियों से कुटेशन लिए गए इसके बाद बाला-बाला उन कुटेशनों को वापस कर दिया गया। तत्पश्चात सभी स्वसहायता समूहों का खरीदी का ऑर्डर इंदौर की ही एक फर्म को दे दिया गया। जिस फर्म के द्वारा शिवपुरी में यह कपड़ा सप्लाई किया गया है उसका जीएसटी के अंतर्गत आने वाला ई-वे बिल भी जांच का विषय है। ड्रेस के कपड़े की गुणवत्ता का जो मानदण्ड 67-33 पोलिस्ट्रर बिस्कॉस होता है वह भी अपने आप में पूर्ण नहीं है। जिला कांग्रेस ने इस कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग की है। 

डीपीसी दुबे के कार्यकाल की जांच की भी मांग की

जिला कांग्रेस ने ज्ञापन में डीपीसी शिरोमणि दुबे के कार्यकाल की जांच की भी मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि श्री दुबे ने अपने कार्यकाल में अनेक प्रकार के घोटालों को अंजाम दिया तथा अवैधानिक रूप से शिक्षक शिक्षिकाओं को कार्यालय में अटैच किया जिसकी जांच के संबंध में किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उनको स्थानांतरण जैसी छोटी प्रक्रिया अपनाकर बचाने का प्रयास किया गया है। 
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