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शिवपुरी में क्या फिर खिलेगा कमल या सपना देख रही कांग्रेस की होगी वापसी? कांग्रेस से कई चेहरे कतार में

शिवपुरी। शिवपुरी विधानसभा सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया यहां की विधायक हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में सिंधिया परिवार का प्रभाव रहा है। स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से 2013 के चुनाव में 11 हजार से अधिक मतों से विजय हासिल हुई थी। उन्होंने कांग्रेस के मजबूत प्रत्याशी वीरेंद्र रघुवंशी को पराजित किया था। सिंधिया को जहां 76330 वोट मिले थे, तो वहीं वीरेंद्र रघुवंशी को 65185 मत मिले थे। शिवपुरी सीट से भाजपा का जीत का अंतर भले ही कम हुआ हो, लेकिन यशोधरा राजे के रूप में भाजपा के पास मजबूत प्रत्याशी के रूप में होने से कांग्रेस के लिए इस सीट से भाजपा को टक्कर देना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह सीट पर जीत कांग्रेस के लिए एक सपना बनकर रह गई है, क्योंकि 2006 के उपचुनाव को यदि छोड़ दें तो 1985 के बाद कांग्रेस इस विधानसभा क्षेत्र से कभी नहीं जीती है। भाजपा के लिए एक नकारात्म पक्ष यह हो सकता है कि पिछले पांच साल में शिवपुरी के लोगों ने बहुत जनसमस्याएं झेली हैं। एक-एक बूंद पानी के लिए लोग तरसे हैं और सिंध के पानी का लगातार लोगों ने इंतजार किया है, लेकिन फिर भी अभी घरों की टोंटियों तक नहीं पहुंच सका है। 
भाजपा के पास भले ही यशोधरा राजे सिंधिया जैसी मजबूत प्रत्याशी हो, लेकिन कांग्रेसियों का भी उत्साह कम नहीं है और कई कांग्रेसी नेता भाजपा को टक्कर देने के लिए तैयार हैं। टिकिट मिलने पर कांग्रेस के यह चेहरे पूरी मजबूती से भाजपा को टक्कर देने का भी साहस रखते हैं। कांग्रेस से टिकिट के दावेदारों की बात करें तो प्रमुख रूप से पूर्व अध्यक्ष राकेश गुप्ता, अजय गुप्ता, पूर्व विधायक गणेश गौतम, जनपद उपाध्यक्ष अशोक ठाकुर, संजय सांखला, जिला कांग्रेस महामंत्री हरवीर सिंह रघुवंशी, नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा, पवन जैन के नाम सामने आ रहे हैं। यह सभी सिंधिया समर्थक माने जाते हैं।
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