
न्यायालय ने दिया आदेश
शिवपुरी। पहली पत्नि के होते हुए दूसरी शादी करने वाले युवक नीरज शर्मा और उसके माता-पिता भाई और बहन पर न्यायालय ने धोखाधड़ी का मामला कायम करने का आदेश दिया है। पीडि़ता भारती शर्मा ने इस बावत न्यायालय में परिवाद 21.12.2018 को अपने अभिभाषक के माध्यम से दायर किया था। न्यायिक मजिस्टे्रेट प्रथम श्रेणी रानो बघेल ने परिवाद की सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया।
फरियादी भारती शर्मा ने अपने परिवाद में बताया कि उसका विवाह नीरज शर्मा के साथ 24.11.2012 को सामूहिक विवाह सम्मेलन में संपन्न हुआ था। इसके बाद नीरज आए दिन नशा कर उसके साथ मारपीट करने लगा। जब उसने इसकी शिकायत नीरज के माता पिता और अन्य परिजनों को की तो वह उल्टे उसे ही डांटने लगे। भारती का आरोप है कि नीरज सहित उसके माता-पिता भाई बहन मारपीट कर उससे पैसों की मांग करते थे। भारती ने बताया कि एक दिन सफाई करते समय उसे नीरज की पहली पत्नि अर्चना का फोटो मिला। जिसे लेकर उसकी सास कुसुम शर्मा, ससुर प्रीतम शर्मा, जेठ भूपेंद्र शर्मा और जेठानी ज्योति से उसने पूछताछ की तो उन्होंने स्वीकार किया कि नीरज की पहली शादी अर्चना के साथ हुई थी जो शादी के बाद भाग गई है तथा वर्तमान में इंदौर रह रही है। भारती ने न्यायालय को बताया कि उसकी शादी धोखे से की गई है और इसकी जानकारी उसे नहीं दी गई है। उसके साथ ससुराल में दहेज के लिए मारपीट भी की जाती है। इस पर फरियादी भारती शर्मा ने पहले फिजीकल पुलिस थाने में शिकायत की और जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसने न्यायालय में परिवाद पेश किया जहां आरोपियों पर केस दर्ज करनेे के आदेश न्यायालय ने दिए।






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