
जिले में नशा मुक्त वातावरण बनाए जाने के संबंध में बैठक सम्पन्न
शिवपुरी। जिले में युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की प्रवत्ति एवं उसके दुष्परिणामों को रोकने और जिले में नशामुक्त वातावरण बनाए जाने के संबंध में जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आज संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने की।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एच.पी.वर्मा सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ए.एल.शर्मा, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ.पी.के.खरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने बैठक में जिले में युवाओं में स्मैक के नशे की बढ़ती प्रवत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके दुष्परिणामों को रोकने पर चर्चा की। जिससे जिले में नशामुक्त वातावरण बन सके। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की प्रवत्ति पर रोक लगाए जाने हेतु स्लम एरिया में स्केनिंग कैम्प आयोजित किए जाए। स्मैक का सेवन करने वाले लोगों को चिंहित कर उनकी काउंसलिंग कर उन्हें नशा न करने की सलाह दें। उन्होंने कहा कि नशे करने वाले व्यक्तियों के घरों पर जाकर भी चर्चा करें और परिजनों को नशे के दुष्परिणामों को भी बताए और उन्हें बताया जाए कि अगर घर में कोई नशा करता है, तो उसे जिला चिकित्सालय में बनाए गए नशा मुक्ति केन्द्र पर लेकर पहुंचे। जहां उपचार की समूचित व्यवस्था की गई है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ए.एल.शर्मा ने बताया कि युवा वर्ग स्मैक को खाने, पीकर और इंजेक्शन के माध्यम से नशा कर रहा है। इसे हमें रोकना होगा। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में नशा मुक्ति केन्द्र कमरा नम्बर 11 में ओपीडी में मनोरोग चिकित्सक अर्पित बंसल, एक एम.डी.(मेडीशन) चिकित्सक और दो प्रशिक्षित नर्सों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि इस केन्द्र पर प्रात: 09 बजे से शाम 04 बजे तक चिकित्सक परीक्षण एवं उपचार कर सकेंगे। केन्द्र के माध्यम से आने वाले मरीजों को काउन्सलिंग के साथ-साथ नि:शुल्क दवाईयां भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय के नए भवन में स्मेक के आदतन मरीजों के लिए पृथक वार्ड भी शुरू किया जा रहा है। जिसमें 10 पलंग की व्यवस्था की गई है। जहां काउन्सलिंग के साथ-साथ उपचार की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने जनसामान्य से अपील की है कि स्मेक का मरीज को काउन्सलिंग एवं उपचार हेतु नशा मुक्ति केन्द्र पर भर्ती करा सकते है।






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