
शिवपुरी। सावन महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को हरियाली अमावस्या कहते हैं । इस अमावस्या का संबंध प्रकृति, पितर और शिवशंकर महादेव से है । इहलोक, परलोक और शिवलोक से संबंध होने के कारण इस अमावस्या का अपना विशेष महत्व है । इस दिन प्रकृति के संरक्षण हेतु पौधों का रोपण किया जाना अत्यंत शुभ माना जाता है । इसी के तहत अपनी परंपराओं को निभाते हुए दिनांक ०१ अगस्त २०१९ को गुरूपुष्य नक्षत्र में ब्राम्हण उत्थान समिति की महिला सदस्यों द्वारा स्थानीय सिद्ध बाबा मंदिर छत्री रोड शिवपुरी पर पौध रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
हरियाली अमावस्या मनुष्य को प्रकृति से जोडने का पर्व है । शास्त्रों में दिये गए निर्देशों का पालन करते हुए पौधे लगाए गए । जिनमें प्रमुख रूप से तुलसी, हरश्रंगार, मोगरा, अशोक एवं देशी गुलाब के 40 पौधे रोपे गए । इस अवसर पर आश्रम के संत श्री नवीन गिरी महाराज द्वारा महिला सदस्यों को हरियाली अमावस्या के महत्व के बारे में बताया गया तथा उनसे यह भी अपेक्षा की गई कि वे कम से कम 7 दिवस में एक बार आकर अपने द्वारा लगाए गए पौधे देखें और उनका भलीभांति पोषण करें । सभी महिला सदस्यों के द्वारा एक सुर में सहमति दी गई । इसके अलावा प्रतिवर्ष हरियाली अमावस्या पर इसी प्रकार प्रकृति के संरक्षण करने की शपथ ली गई तथा वृक्षारोपण करने का संकल्प अपने-अपने जीवन साथी के साथ लिया गया ।
कार्यक्रम के अंत में एक छोटी सी विचार गोष्ठी रखी गई जिसमें सभी ने हरियाली अमावस्या के महत्व के बारे में अपने अपने उद्बोधन दिए गए । तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन किया गया।






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