शिवपुरी। जिले में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने वाले कई कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद कोचिंग संचालकों में असमंजस की स्थिति बन गई है। गुरुवार को शिवपुरी प्राइवेट टीचर एसोसिएशन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर फायर सेफ्टी संबंधी दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करने की मांग की।
गौरतलब है कि लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले भर में कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू की है। फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई भी की जा रही है।
कोचिंग संचालकों ने लखनऊ की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए शासन के प्रयासों का समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि अधिकांश संस्थानों ने अपनी क्षमता के अनुसार सुरक्षा इंतजाम किए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से भ्रम और भय का माहौल बना हुआ है।
संचालकों के अनुसार, इसी अनिश्चितता के कारण कई कोचिंग संस्थानों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है, जिससे हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि फायर सेफ्टी के आवश्यक मानकों, एनओसी प्रक्रिया और अनिवार्य व्यवस्थाओं को स्पष्ट किया जाए, ताकि संस्थान नियमों का पालन कर दोबारा शुरू किए जा सकें।
शिवपुरी प्राइवेट टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश श्रीवास्तव ने कहा कि प्रशासन ने फायर सेफ्टी मानकों को पूरा करने के निर्देश तो दिए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन-कौन सी व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं और एनओसी किस प्रक्रिया के तहत मिलेगी। ऐसे में संचालकों के बीच असमंजस बना हुआ है।







Be First to Comment