
श्रीमद् भागवत कथा में पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण संदेश देकर कथा का हुआ समापन
शिवपुरी। वृक्षो को बचाईये नहीं तो समस्त संसार को मिटने में ज्यादा समय बचा नहीं है जिस तरह से व्यक्ति प्रकृति के साथ में खिलवाड़ कर रहा खिलवाड़ कर रहा है उससे तो यही प्रतीत होता है कि अब प्राणियों के मिटने का समय आ गया है क्योंकि मनुष्य ने इतने वृक्षों को काट दिया है कि शुद्ध वायु मिलना दुर्लभ हो गया है अगर छोटे-छोटे गांव को छोड़ दिया जाए तो उनके अलावा कहीं भी शुद्ध वायु नहीं मिल रही क्योंकि शहरों में समस्त जंगल को काटकर के निर्माण कर दिया गया जो कि मानवता के लिए बहुत ही दर्दनाक साबित हो सकता है यह प्रवचन कोलारस समीप ग्राम चनैनी में चल रही भागवत कथा के दौरान पर्यावरण दिवस के अवसर पर ओम नम: शिवाय मिशन शिवपुरी के आचार्य पंडित बृजभूषण महाराज ने अपनी कथा के दौरान दिए। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पं.बृजभूषण महाराज ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने बताया कि वृक्ष ही हमारे जीवन को बचा सकते हैं वृक्षो के द्वारा ही बारिश होती है अगर मनुष्य वृक्षों को ही काटता जाएगा अपने स्वार्थ के लिए तो जरा सोचिए जल की वर्षा कहां से होगी शुद्ध वायु कहां से मिलेगी अभी जो बीमारियां मानव समाज में आई है यह बीमारियां हजारों गुना बढ़ जाएंगी और आज तो मनुष्य जी रहा है ऐसा लगता है कि 50 साल भी नहीं जी पाएगा क्योंकि भयंकर बीमारियों के चपेट में आने वाला है, इसलिए अपने जीवन में कम से कम 20 वृक्ष जरूर लगाएं। आचार्य ने बताया कि भगवान ने भी प्रकृति की रक्षा की है आचार्य जी ने सुंदर रुक्मणी भगवान कृष्ण का विवाह सुनाया एवं पापियो को भगवान ने मारा उसकी कथा सुनाई और उन्होंने बताया कि भगवान का चरित्र सभी को मंगल देने वाला है भगवान का चरित्र सुनने से मनुष्य के जीवन का जो चरित्र है निर्मल होता है इसलिए भगवान की कथा सुनना चाहिए और कथा अपने बालकों को बच्चों को सुनाना चाहिए जिससे उनके जीवन का निर्माण हो सके। कथा का आयोजन सीताराम धाकड़ हरगोविंद धाकड़ एवं उनका परिवार द्वारा किया गया जहां गुरूवार को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ।




