हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे अधिकांश सेल्समैन, सहकारिता कर्मचारी अब भी मागों पर अड़े
शिवपुरी। कई
दिनों से चल रही सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ की हड़ताल में अब फूट पड़
चुकी है। सहाकारिता कर्मचारियों का साथ छोड़ शुक्रवार को काम पर वापस लौट आए
और राशन का वितरण भी किया। सैल्समैनों का कहना है कि राशन नहीं मिलने के
कारण गरीब लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि
सैल्समैन प्रशासन के दवाब के बाद बैकफुट पर आए हैं। गुरुवार को उनके
प्रभारी अधिकारी ने कार्रवाई का डर दिखाया तो वे वापस अपने काम पर लौट आए। 4
फरवरी से मध्यप्रदेश सहकारिता समिति के बैनर तले उचित मूल्य की शासकीय
दुकानों के सभी कर्मचारी कलमबंद हड़ताल पर थे। इसके बाद से ही राशन मिलने का
काम बंद हो गया था। किसानों के गेंहू उपार्जन के रजिस्ट्रेशन का काम भी इन
पर था। इसके बाद से ही सारा काम बंद था और लोग राशन के लिए तो किसान अपने
पंजीयन के लिए भटक रहे थे। गौरतलब है कि 10 फरवरी के अंक में नईदुनिया ने
गरीबों को राशन नहीं मिलने की समस्या को प्रमुखता के साथ उठाया था।
करैरा एसडीम ने सेल्समैन और प्रबंधक पर दर्ज कराया मामला
करैरा
एसडीएम राजन नाडिया ने शिकायत मिलने पर उचित मूल्य दुकान चिन्नाौदी के
सेल्समेन लक्ष्मीनारायण और प्रबंधक अमरप्रकाश श्रीवास्तव के खिलाफ आवश्यक
वस्तु अधिनियम की धारा 37 के तहत मामला दर्ज कराया। एसडीएम ने दुकान सील की
और रिकॉर्ड निकलवाने पर खुलासा हुआ कि वितरण के लिए आया हुआ राशन
हितग्राहियों तक पहुंचा ही नहीं है और इसकी कालाबाजारी कर दी गई है। जब
एसडीएम दुकान पर पहुंच तो सेल्समैन बुलवाने के बाद भी नहीं आया। दुकान
खुलवाई और रिकॉर्ड मिलवाया तो राशन के सामान में कालाबाजारी उजागर हुई।
तीन वार्ड में खुल रहीं थी उचित मूल्य की दुकानें
जिले में
सहकारिता कर्मचारी संघ की हड़ताल में सभी सैल्समैन भी साथ थे। हालांकि उस
समय भी शहर के तीन वार्ड में राशन का वितरण जारी था। इसके साथ ही ग्रामीण
अंचल में भी कई जगहों पर राशन का वितरण किया जा रहा था।
ओआइसी मनोज गरवाल ने घर बुलाकर समझाया
हड़ताल
कर रहे कर्मचारियों को उनके ओआइसी डिप्टी कलेक्टर मनोज गरवाल ने अपने घर
बुलाकर समझाइश दी। उन्हें कार्रवाई का भी डर दिखाया जिसके बाद वे काम पर
वापस लौटे। सेल्समैन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ओआइसी साबह ने
अपनी कोठी पर बुलाया और कहा कि या तो तुम लोग काम पर वापस आ जाओ नहीं तो
हमें तुम लोगों पर निलंबन या फिर रिपोर्ट करने की कार्रवाई करना पड़ेगा।
इसके बाद अधिकांश सभी लोग काम पर लौट आए हैं।






Be First to Comment