
भारतीय किसान संघ ने भरी हुंकार, 24 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली रैली और समस्याओं के संदर्भ में सौंपा ज्ञापन
शिवपुरी-भारतीय किसान संघ ने हमेशा सर्वहारा वर्ग के विकास की सोच को परिलक्षित किया है जिसमें खासकर किसानों के साथ हर सुख-दु:ख में किसान संघ अपनी संवेदनाऐं रखता है लेकिन देखने में आ रहा है कि मप्र की कांग्रेस सरकार ने किसानों के हितों पर कुठाराघात करना शुरू कर दिया है जो कि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,आज किसान संघ किसानों के हितों में अपनी 24 सूत्रीय मांगों को लेकर लामबंद्ध हुआ है और यदि इन समस्याओं का उचित समय पर हल नहीं निकला तो किसान उग्र होगा और धरना, प्रदर्शन और ज्ञापनबाजी नहीं बल्कि भूख हड़ताल कर अपना हक प्राप्त करने को बाध्य होगा। यह बात कही भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष कल्याण सिंह यादव (बंटीभैया) ने जो स्थानीय तात्याटोपे समाधि स्थल पर किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित भारतीय किसान संघ के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मप्र कांग्रेस सरकार के विरूद्ध हुंकार भर रहे थे। इस दौरान प्रांत मंत्री पवन शर्मा (भाटी) ने भी किसानों के अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी और किसानों को मिलने वाले फसल लाभ में अवरोधक बन रही कांग्रेस सरकार को चेतावनी दी कि किसानों के अधिकारों में वह बाधक ना बने साथ ही किसानों को उनकी उपज का मूल्य और अन्य 24 सूत्रीय मांगों पर अविलंब ध्यान देकर उन्हें पूर्ण करने की ओर कारगर कदम उठाना चाहिए। इस दौरान अन्य किसान नेताओं ने भी मंच से अपनी आवाज उठाकर किसान हितों की बात कही और अंत में मौजूद हजारों किसानों ने तात्याटोपे समाधि स्थल से रैली निकालते हुए कलेक्टे्रट परिसर पहुंचकर माननीय मुख्यमंत्री के नाम पर जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा।
24 सूत्रीय मांगेां को लेकर लामबंद्ध है भारतीय किसान संघ
तात्याटोपे समाधि स्थल पर भारतीय किसान संघ द्वारा 24 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया जिसमें मप्र सरकार द्वारा अपने वचन पत्र के अनुसार सभी किसानों का सभी बैंकों का 2 लाख रूपये तक का कर्ज माफ किया जावे, देरी के कारण बैंकों में लगने वाले दण्ड ब्याज भी समाप्त किया जावे। सभी फसलों का समर्थन मूल्य लाभकारी मूल्य में परिवर्तित कर शासन द्वारा खरीदी व्यवस्था अनिवार्य हो।फसल पंजीयन केन्द्रों में नेटसर्वर की समस्या बहुत ज्यादा आ रही है, नेट स्पीड बढ़ाई जावे व फसलों का पंजीयन होने के पश्चात इसी पंजीयन को स्थाई किया जावे। खेतों पर जाने वाले रास्ते को (निजी एवं शासकीय)को जाने वाले 12 मासी रास्ते बनाये जावे। शासकीय रास्तों का अतिक्रमण स्वत: पटवारी एवं मंत्री बिन शिकायत के हटावे। बाजारों में बीज का प्रमाणिकता सिद्ध होने पर ही बाजारों में बेचने की अनुमति दी जावे और मानक स्तर पर ही खाद बीज दवाई आदि बाजारों में पहुंचाई जावे। सिंचाई हेतु किसानों को 12 घंटे बिजली दी जावे। ओव्हर लोड ट्रांसफार्मर अण्डर लोड किया जावे। प्रदेश की सभी छोटी बड़ी मण्डियों में सीसीटीव्ही कैमरे लगवाये जावे।प्रत्येक सहकारी संस्थाआं में वेयर हाउस बनाये जावे तथा शासन द्वारा खरीदी जाने वाले फसलों के खरीदी केन्द्र संस्था स्तर पर हो। मनरेगा की कृषि कार्य से जोड़ा जावे। सड़कों की क्वालिटी अच्छी तथा गांवों की सड़कों पर संकेतक लगाये जावे। प्रायवेट स्कूलों में फीस सुनिश्चित की जावे और किताबों का बोझ कम किया जावे।






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