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अस्पताल मामला : डॉ दिनेश राजपूत दो नर्सों सहित पाँच लोगों पर कार्यवाही शाम तक | मंत्री तोमर | Shivpuri News

अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना पर प्रभारी मंत्री ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री और सिंधिया ने भी लिया संज्ञान

पांच घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में लावारिश पड़ी रही लाश, लाश के चेहरे और आंखों पर चिपकी हुईं थी बेशुमार चीटियां

जांच अधिकारी एडीएम बालोदिया और डिप्टी कलेक्टर मुकेश सिंह अस्पताल पहुंचे, प्रारंभिक रूप से अस्पताल प्रशासन की लापरवाही हुई उजागर, दोषियों पर गाज गिरना तय

शिवपुरी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों, चिकित्सकीय स्टाफ और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की आए दिन कोई न कोई घटना सामने आती रहती है, लेकिन कल तो मानवता को शर्मसार करने वाली ऐसी घटना उजागर हुई जिसमें अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से अधिक अमानवीयता उजागर हुई। अस्पताल में बैड पर पांच घंटे तक बालचंद्र लोधी का शव लावारिश हालत में पड़ा रहा। सुध न लेने के कारण मृतक की आंखों और चेहरे पर बेशुमार  चीटियां जमा हो गईं। मीडिया द्वारा यह मामला सामने लाने के बाद यह मामला सुर्खियां पकड़ गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के संज्ञान लेने के बाद जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर ने अस्पताल की शर्मनाक घटना की जांच के आदेश दिए जिसके तारतम्य में आज सुबह एडीएम बालोदिया और डिप्टी कलेक्टर मनीष सिंह अस्पताल पहुंच गए। इसके साथ ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव, कार्यकारी जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता और प्रदेश कांग्रेस महामंत्री हरवीर सिंह रघुवशी भी अस्पताल पहुंच गए। प्राथमिक  दृष्टि  से इस मामले में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है और दोषियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। 

शिवपुरी की फक्कड़ कॉलोनी में रहने वाले बालचंद्र लोधी पुत्र रूपसिंह  लोधी को इलाज के लिए दो दिन पहले अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। वह टीबी रोग से पीडि़त था और इलाज के दौरान कल सुबह 6 बजे उसकी मृत्यु हो गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसकी कोई सुध नहीं ली। इसी बीच नर्सें और डॉक्टर भी वार्ड में आए, लेकिन उन्होंने भी इस  मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया। जानकारी मिलने के बाद सुबह 10:30 बजे मीडिया के कुछ लोग अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने देखा कि शव की आंखों और चेहरे पर चीटियां चिपकी  हुईं थी। वार्ड के मरीजों ने बताया कि  बालचंद्र की मृत्यु सुबह 6 बजे हो चुकी है, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और शव वहीं पड़ा रहा। डयूटी डॉक्टर दिनेश राजपूत और वार्ड बाय तथा नर्सों ने कोई ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि अस्पताल प्रशासन ने मृतक की पत्नि को भी उसके मृत होने की सूचना नहीं दी जिस पर मरीजों ने किसी तरह मृतक की पत्नि तक सूचना पहुंचाई। सुबह 11 बजे जब मृतक की पत्नि रामश्री अस्पताल पहुंची  तो उसने रोते हुए अपने पति की आंखों और चेहरे  से चीटियां हटाईं तथा फूट फूटकर रोने लगी। यह मामला सामने आने के बाद प्रभारी मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर ने तुरंत जांच के आदेश दिए और जांच अधिकारी एडीएम बालोदिया तथा डिप्टी कलेक्टर मुकेश सिंह अस्पताल पहुंचे और उन्होंने जांच शुरू की। इस मामले में डॉक्टरों के साथ साथ मरीजों और दो पत्रकारों के भी बयान हुए हैं। पत्रकारों ने जांच अधिकारी को जो जो उन्होंने देखा उससे अवगत कराया।

आज शाम तक दोषियों पर होगी कार्यवाही : प्रभारी मंत्री तोमर

जिला अस्पताल शिवपुरी में मरीज बालचंद्र लोधी का  शव कई घंटों तक पड़ा रहा और उनके शव की आंखों  और चेहरे  पर  चीटियां लगी हुईं थी यह खबर समाचार पत्रों में पढ़कर मुझे  बहुत दुख और पीड़ा हुई है। श्री तोमर ने कहा कि यह घटना बहुत दुखद है और इसे सुनकर हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया वरिष्ठ कांग्रेस नेतागण और स्वयं मुझे बहुत आघात लगा है। मैंने इस  मामले में संभाग आयुक्त, कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिया है कि इस मामले में अविलंब  दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी घटना की पुनरावृति न हो तथा की गई कार्यवाही से आज शाम तक मुझे अवगत कराया जाए।

मानवता व इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना : मुख्यमंत्री कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जिला अस्पताल में मृत मरीज के साथ हुई अमानवीयता पर ट्वीट करते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएं मानवता और इंसानियत को शर्मसार करती हैं तथा बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। मरीज की मौत होने पर जिला अस्पताल में उसके शव पर चीटियां चलने की लापरवाही की घटना बेहद असंवेदनशीलता की परिचायक है। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच में दोषी एवं लापरवाही बरतने वाले पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

बिना परीक्षण किए डॉ. राजपूत ने बालचंद्र को मृत  घोषित किया : बैजनाथ सिंह

जिला अस्पताल पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव ने आरोप लगाया कि इस घटना में सरासर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है। डॉ. राजपूत जिसकी कि उस वार्ड में डयूटी थी जिसमें बालचंद्र की मृत्यु हुई, लेकिन डॉ. राजपूत ने बिना उसे देखे उसे मृत घोषित कर दिया। डॉ. राजपूत ने मरीज को हाथ भी नहीं लगाया और उसे मृत घोषित कर दिया। वार्ड की नर्सों ने बालचंद्र की मृत्यु होने पर उसके शव पर चादर भी नहीं डाली जिससे मृतक की आंखों  और चेहरे पर चीटियां जम गईं। श्री यादव ने कहा कि वह इस लापरवाही के लिए अपने नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर दोषियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। श्री यादव ने कहा कि इस मामले में यदि आज  कार्यवाही नहीं हुई तो जिला कांग्रेस अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन और धरना प्रदर्शन करेगी।

मृतक के पार्थिव शरीर पर चीटियां रेंगना अमानवीयता की पराकाष्ठा : सिंधिया

जिला अस्पताल में मृतक व्यक्ति के शरीर पर चीटियां रेंगने की घटना पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को निर्देश दिया है कि उक्त घटना के  लिए जो भी डॉक्टर या कर्मचारी जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। सभ्य समाज के लिए इस प्रकार के अमानवीय व्यवहार का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

डॉ. राजपूत, दो नर्सों, वार्ड बाय और सुरक्षा गार्ड पर कार्यवाही : सीएमएचओ शर्मा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एएल शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में मृतक मरीज के साथ हुए अमानवीय व्यवहार के लिए डयूटी डॉक्टर दिनेश राजपूत, दोनों नर्सों, बार्ड वाय और सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कार्यवाही होगी। इस मामले में उनकी लापरवाही प्रमाणित हुई है।

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