Press "Enter" to skip to content

श्रीतुलसी आश्रम बड़े हनुमान मंदिर पर संत समागम के साथ राधाष्टमी महोत्सव सम्पन्न | Shivpuri News

जो काम भगवंत नहीं करते वो संत करते हैं: सियाशरण महाराज  
संतों की वाणी से बरसे अमृत के साथ हुआ श्रीमदभागवत कथा का समापन  
शिवपुरी। शिवपुरी के श्री रामजानकी तुलसी आश्रम बडे हनुमान मंदिर ग्वालियर रोड पर बिगत 31 अगस्त से चल रही श्रीमदभागवतकथा के सप्तम एवं अंतिम दिवस आज शुक्रवार को राधाष्टमी महोत्सव का पावन पर्व सम्पूर्ण भारत वर्ष से पधारे संतों के समागम के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय संत महामण्डलेश्वर श्री पुरूषोत्तमदास जी महाराज के सानिध्य में शिवपुरी में एक साथ इतने संतों के दर्शन एवं उनकी वाणी से बरसे अमृत का रसपान कर कथा पाण्डाल में बैठे श्रोता भक्तगणों ने अपने जीवन में धन्यता महसूस की। इस मौके पर आश्रम के गुरूदेव साकेतवासी मोनी श्री रामदासजी महाराज की पुण्य तिथि होने पर उन्हें भी सभी संतों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उन्हें याद किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विख्यात मानस मर्मज्ञ संत शिरोमणि सियाशरण जी महाराज ने कहा कि जो काम भगवंत नहीं करते वो संत कर देते हैं। भगवान श्रीराम जब व्हीलों को रात में सोता छोडकर चले गये तो उनकी भावना थी कि पीछे से मेरा भाई भरत जिसे वे संत की उपाधि देेते थे आयेगा शेष इन व्हीलों का उद्धार वही करेगा। महाराज श्री ने बताया कि भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त करने का श्रेय बानर सेना की मित्रता, पिता दशरथ जी का पुण्य एवं गुरू  वशिष्ठ जी की कृपा को दिया था। अर्थात जीवन में सफलता चाहिये तो सच्चे मित्रों की मित्रता, पिता का पुण्य प्रताप और गुरूदेव की कृपा से ही संभव हो पाता है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय संत महामण्डलेश्वर पुरूषोत्तमदास जी महाराज ने गुरू की व संत की महिमा बताते हुये कहा कि परमात्मा एक पावरहाउस है और मनुष्य एक उपकरण है यदि मनुष्य सीधा इससे जुडेगा तो इतना करंट सहन नहीं कर सकेगा। इसलिये मनुष्य को चाहिये कि वह गुरू एवं संत रूपी ट्रांसफार्मर के माध्यम से ईश्वर रूपी पावर हाउस से जुडे तो अनवरत रूप से हरिकृपा उसे प्राप्त होती रहेगी। इसके अलावा महाराज श्री ने रामचरित मानस को जीवन जीना सिखाती है और श्रीमदभागवत हमें मरना सिखाती है, बताया । इस मौके पर मंच पर विराजमान संत शिरोमणि अजय शंकर जी भार्गव, योगेश्वर जी महाराज, धर्मदास जी महाराज, सीताराम जी महाराज, देवकीनंदन जी महाराज, प्रेम मूर्ति महाराज, गोपालदास जी महाराज, राधेश्याम जी महाराज, गोविदास जी महाराज, एवं अन्य संतमूर्तियों ने अपने अमृतमयी ज्ञानोपदेश से श्रोताओं केा अभिभूत किया। साथ ही मंच पर डा.गोविंद ङ्क्षसह, पत्रकार राजू ग्वाल, मुकेश चौधरी ने अपने उदवोधन में संतों से आशीर्वाद मांगा। कार्यक्रम में समिति के कन्हैयारावत, अवधेश शिवहरे , पतांजलि योग समिति के रोहित आर्य एवं अन्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। अंत में कथा ब्यास शिवमूर्ति महाराज की विदाई ,आरती के साथ संतभोज के साथ सहभोज का आयोजन सम्पन्न हुआ।

संत समागम से पाण्डाल बना प्रयाग 
वास्तव में जहां संतों का समागम हो वहां प्रयागराज का माहौल स्वत: ही निर्मित हो जाता है। कुछ एैसा ही शिवपुरी के श्रीरामजानकी तुलसी आश्रम बडे हनुमान मंदिर पर कथा पाण्डाल में चल रहे संत समागम में देखने को मिला। श्रीराधाष्टमी के पावन पर्व को मनाते हुये जहां संतों ने पांच पांच मिनट के दिये उपदेशों में भक्तिरस की गंगा प्रवाहित की वहीं उन्होंने कहा कि मुदमंगलमय संत समाजू, जो जग जंगम तीरथराजू, अर्थात जहां संतों का समागम होता है वह स्थल प्रयागराज से बडकर महत्व रखता है। 
आश्रम के गुरूदेव साकेतवासी श्री रामदासजी मोनी महाराज को दी श्रद्धांजलि 
कार्यक्रम के दौरान जहां राधाष्टमी महोत्सव मनाया गया वहीं आज ही आश्रम के साकेतवासी गुरूदेव श्रीरामदासजी मोनी महाराज की पुण्य तिथी के अवसर पर संत समाज द्वारा उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर उनकी उपलब्धियों केा याद कर उन्हें नमन किया गया। श्रद्धांजलि अर्पण करने नगर के गणमान्य नागरिक, आश्रम के कार्यकर्ता व भक्तगण, आश्रम में पढने वाले बच्चे, एवं आमजन बडी संख्या में उपस्थित रहे। 
भजनों पर जमकर नाचा संत समाज 
शिवपुरी में पहली बार आयोजित इतने बडे संत समागम में आनंद की वर्षा देखते ही बन रही थी। जहंा संतों की वाणी से अमृत बरस रहा था। वहीं किसी किसी संत द्वारा सुंदर कंठ से निकली भजनों की प्रस्तुति श्रद्धालुओं को भाव विभोर करते हुये नाचने पर मजबूर करती थी। इस मौके पर उपस्थित संत समुदाय एवं जनसामान्य ने भी कथा पाण्डाल में हरि भजनों की मस्ती में डूबते हुये जमकर नृत्य किया और आनंद लिया। 
संतों से मिलने पहुंचे क्षेत्रीय संांसद केपी यादव 
बडे हनुमान मंदिर ग्वालियर रोड श्रीरामजानकी तुलसी आश्रम पर चल रहे संत समागम की चर्चा जहां नगर व क्षेत्र में प्रसारित थी वहीं इसकी खबर शिवपुरी गुना क्षेत्रीय सांसद केपी यादव को भी लगी। धर्म में आस्था एवं श्रद्धा रखने वाले केपी यादव आज शिवपुरी के क्षेत्रीय भ्रमण पर थे। जैसे ही उन्हें संत समागम की सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत संतों के दर्शन करना आवश्यक समझा और वे कार्यक्रम स्थल पर जा पहुंचे। जहां उन्हेांने बडे हुनमान मंदिर के दरवार दर्शन के साथ संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर राष्ट्रीय संत महामण्डलेश्वर पुरूषोत्तमदास जी महाराज द्वारा सांसद केपीयादव का शाल श्रीफल एवं माल्यार्पण कर स्वागत कर आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान केपीयादव के साथ भाजपा के कई नेता , जनप्रतिनिधि , पतंाजलि योग समिति के रोहित आर्य भी उपस्थित थे।  
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!