Press "Enter" to skip to content

पीएचई के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के घोटाले की लोकायुक्त में शिकायत | Shivpuri News

सीवर प्रोजेक्ट के कार्य में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का मामल
शिवपुरी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग शिवपुरी में विगत दो वर्षों में एलएल बाथम द्वारा कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ रहते हुए सीवर प्रोजेक्ट के कार्य में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है। खासबात यह है कि श्री बाथम का मूल पद सहायक यंत्री का है किंतु तत्कालीन भाजपा शासन में अपनी ऊपरी पहुंच के चलते श्री बाथम इतने लंबे समय से शिवपुरी जैसे महत्वपूर्ण जिले के कार्यपालन यंत्री का प्रभार कब्जाये बैठे हैं। उक्त भ्रष्टाचार की शिकायत वरिष्ठ अधिवक्ता विजय तिवारी ने लोकायुक्त भोपाल को भेजी है। 
शिकायत में उल्लेख है कि शिवपुरी शहर की झील संरक्षण प्रोजेक्ट के तहत पीएचई विभाग द्वारा सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है उक्त सीवर प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट में सीवर लाइन डालने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को मोटरेवल किये जाने का प्रावधान था जिसमें बाद में उक्त सड़कों को डब्ल्यू बीएम रोड बनाने की बिना शासन से अनुमति लिये व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति हेतु उक्त शर्त बाद में जोड़ी गई। श्री बाथम द्वारा नगरपालिका शिवपुरी के क्षेत्रांतर्गत सीवर लाइन डालने के दौरान कुल 47 सड़कों का डब्ल्यूबीएम रोड बनाना बताकर उक्त गिट्टी मुरम सड़क के निर्माण में अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से मिलकर तथा जेन एण्ड राय कंपनी के साथ आपराधिक षडयंत्र कर बिना किसी सड़क निर्माण कराये उक्त जैन एण्ड राय कंपनी से 2,56,84169 रुपए के बिल प्राप्त किए। उक्त राशि में से 1,12,000 रुपए का भुगतान भी फर्जी तरीके से कंपनी को कर दिया गया जबकि वास्तव में उक्त 47 में से एक भी सड़क का निर्माण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नहीं किया गया। शिकायत में उल्लेख किया है कि श्री बाथम ने अपने चहेते उपयंत्री एमडी गौड को पीएचई विभाग के सेंट्रल स्टोर का इंचार्ज बनाया गया है। श्री बाथम के कार्यकाल में केजीएन कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा 800 नलकूप का खनन किया गया है। अधिकांश नलकूपों की गहराई 800 फीट से भी अधिक बिलों में दर्शाई गई है जबकि वास्तविकता में केजीएन कंपनी द्वारा जिस नलकूप खनन मशीन के दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत किए गए हैं वह मशीन 35 वर्ष पुरानी होकर कबाड़ में कट चुकी है तो फिर 35 वर्ष पुरानी मशीन से 800 फीट की गहराई में नलकूपों की भौतिक सत्यापन कराया जाना आवश्यक है। 
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!