
शिवपुरी। सरपंच ग्राम पंचायत गिंदोरा मोहब्बत सिंह आदिवासी एवं पूर्व सचिव सुरेश धाकड़ के विरूद्ध जिला पंचायत कार्यालय शिवपुरी में धारा 92 के तहत चल रहे वसूली प्रकरण की पेशी दिनांक 13.08.19 के समय जिला पंचायत सीईओ के सामने ही रीडर की मिलीभगत से मोहब्बत सिंह आदिवासी के स्थान पर प्रतिरूपण करते हुये छल के प्रयोजन से युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत गिंदौरा ने अपनी पहचान छुपाकर मोहब्बत सिंह आदिवासी के स्थान पर स्वयं को मोहब्बत सिंह आदिवासी बताकर प्रतिरूपण कर आवेदन एवं ऑर्डर शीट पर मोहब्बत आदिवासी के फर्जी हस्ताक्षर करते हुए कानून की धज्जियाँ उड़ा डाली। जितेंद्र सिंह रघुवंशी ने बातचीत में बताया कि जिला पंचायत सीईओ महोदय को इस घटना की जानकारी रीडर की मौजूदगी में ही दे दी गई थी, रीडर के द्वारा दिनाँक 13/08/2019 को पेशी के समय उन लोगों से आॅर्डरशीट पर हस्ताक्षर तो करा लिये थे। लेकिन आॅर्डर शीट में उस दिन की पेशी से सम्बंधित कुछ भी नहीं लिखा गया। इस घटना के स्पष्टिकरण हेतु जिला पंचायत सीईओ के द्वारा सरपंच और सचिव को पुनः उपस्थित होने हेतु बुलाया गया। जिसके बाद 21/08/ 2019 को सचिव सुरेश धाकड़ ने सीईओ महोदय के सामने उपस्थित होकर मौखिक एवं लिखित रूप में ये स्पष्ट कर दिया कि पेशी के दौरान पूर्व सरपंच युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी के द्वारा मेरे सामने ही मोहब्बत सिंह आदिवासी के फर्जी हस्ताक्षर किये गए थे। इसके बाद जिला पंचायत कार्यालय के द्वारा 26/08/ 2019 को पत्र जारी करके युधिष्ठिर रघुवंशी को अपना जबाब पेश करने हेतु 11/09/2019 को कार्यालय में उपस्थित होने हेतु लिखा गया। युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी ने पेशी की दिनाँक 11/09 /2019 को रीडर के साथ सांठगांठ करके जिला पंचायत कार्यालय में खुद के उपस्थित होते हुए भी सीईओ महोदय के सामने पेश न होकर फर्जी तरीके से बीमारी का आवेदन लगवा दिया ? युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी के कार्यालय में मौजूद रहते हुए ही जितेंद्र सिंह रघुवंशी के द्वारा सीईओ महोदय को इस पूरे घटना क्रम से अवगत करा दिया गया था। एवं सीईओ महोदय के चेम्बर में रीडर को तुरंत ही बुलाकर रीडर से ही स्पष्ट कराया दिया गया था। कि युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी कार्यालय के अंदर ही रीडर की टेबल पर मौजूद है। रीडर के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इतना बड़े षड्यंत्र की रचना कर डाली गई। ये सब कुछ घटना क्रम सीईओ महोदय के सामने स्प्ष्ट एवं साबित होने के बाद भी आज दिनाँक तक किसी भी दोषी व्यक्ति पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिससे स्प्ष्ट होता है कि कहीं न कहीं सीईओ महोदय भी इस षड्यंत्र में शामिल हैं।
जितेंद्र सिंह रघुवंशी के द्वारा बताया गया कि उन्होंने 16/09/ 2019 इस पूरे घटना क्रम की शिकायत सभी वरिष्ठ एवं सक्षम अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक के जरिए कर दी है।
अगर इसके बाद भी दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं कि जाती है तो उन्हें सक्षम न्यायालय की शरण में जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।






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