
अजय सिंह कुशवाह शिवपुरी। जिले के भावखेड़ी ग्राम में दो दलित बच्चों की खुले में शौच करने पर दबंगों द्वारा पीट पीट कर हत्या करने की अमानवीय घटना में अतिरिक्त जिलाधीश के निर्देश पर पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रस्ताव ,रसूख की दम पर ठंडे बस्ते में डालने की कोशिशें शुरू हो गईं हैं। ए डी एम के आदेश पर दिनाँक एक अक्तूबर को जनपद पंचायत से एक प्रस्ताव बना कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिलापंचायत को भेजा गया। प्रस्ताव में लिखा गया है कि इस पंचायत के सचिव भरत सिंह यादव भावखेड़ी की घटना के पश्चात संपूर्ण शासन/प्रशासन के दौरों के समय बगैर सूचना के अनुपस्थिति रहे। चूंकि इनकी कार्यप्रणाली शासन प्रशासन के नीति निर्देशों की अवहेलना ,शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतना,स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता करना रही है। अतः इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक/दंडात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाती है।
किंतु इस प्रस्ताव को भेजने के 15 दिन गुजर जाने के बाद भी यह प्रस्ताव जिला पंचायत में ठंडे बस्ते में डला हुआ है। इस मुद्दे पर जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी एच.पी.वर्मा से बात की गई तो उनका कहना था कि हमने सचिव को नोटिस दे दिया है। जबाव के लिये 21 अक्टूबर तारीख लगाई है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इतने संवेदनशील मुद्दे पर नोटिस की कार्यवाही की गति इतनी लचर होनी चाहिये…? या फिर हमेशा की भांति इस बार भी लीपापोती का खेल शुरू हो गया है। इंतज़ार रहेगा…इस प्रस्ताव के ठंडे बस्ते से बाहर आने का।






Be First to Comment