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फेल हुए तो दोबारा उसी कक्षा में करनी पड़ेगी पढ़ाई, अभिभावक बोले- गुणवत्ता में होगा सुधार ! Shivpuri News




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ये किया परीक्षा पैटर्न में बदलाव
 सरकार द्वरा जारी गजट नोटिफिकेशन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2011 के नियम 10 में संशोधन किया गया है। संशोधन अनुसार सत्र 2019-20 से सभी पांचवीं-आठवीं कक्षा की सत्रांत में बोर्ड परीक्षा ली जाएगी। जो छात्र राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निर्धारित अंक या ग्रेड नहीं ला पाता उसे परीक्षा फल निकलने के दो माह के अंदर एक और अवसर दिया जाएगा। पुनः परीक्षा उपरांत भी यदि आवश्यक अंक या ग्रेड हासिल नहीं कर पाता तो उसे द्वारा उसी कक्षा में पढ़ाई करने होगी। किसी भी स्थिति में छात्र को प्राइमरी शिक्षा पूरी किए बिना स्कूल से निष्कासित नहीं किया जा सकता। 

शिक्षक बोले- हमें अन्य कार्यों से रखा जाए मुक्त 

राज्य कर्मचारी कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष सत्येंद्र राज भट्ट का कहना है कि शिक्षकों की प्रशासन द्वारा कई अन्य कार्यों बीएलओ, चुनाव, जनगणना, एमडीएम जैसे कार्यों में ड्यूटी लगा दी जाती है, इससे छात्रों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाती है। साथ ही सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति भी नियमित नहीं रहती है। भट्ट का कहना है कि शिक्षकों को पूरा समय विद्यालय के लिए मिले और छात्रों की उपस्थिति भी नियमित रहे इसके लिए भी नियम बनाए जाना चाहिए। 

पालक बोले -छात्र हित में सरकार का निर्णय सही 

सरकार के इस निर्णय पर पलकों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगा। पालक अवधेश अहिरवार का कहना था कि स्थानीय स्तर पर परीक्षा होने से छात्र परीक्षा के प्रति संवेदनशील नहीं रहते थे। बोर्ड परीक्षा होने से छात्र पढ़ाई पर ध्यान देंगे। पालक रामस्वरूप महते, संतोष गुप्ता ने भी कहा है कि इससे शिक्षक भी जिम्मेदारी से छात्रों की पढ़ाई करवाने का प्रयास करेंगे। साथ ही बच्चे भी बोर्ड परीक्षा के हिसाब से पढ़ाई कर मेहनत करेंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। 


राज्य शिक्षा केंद्र बनाएगा परीक्षा के नियम 


विकासखंड शिक्षा अधिकारी की माने तो स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस सत्र की पांचवी व आठवीं परीक्षा बोर्ड करने संबंधी गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब राज्य शिक्षा केंद्र परीक्षा संचालन के नियम बनाएगी इससे परीक्षाएं बोर्ड के अनुसार आयोजित की जा सकेंगी। 

छात्र पढ़ाई में लेंगे रुचि 

अभी बच्चों को लगता था कि हमें पास तो होना ही है, चाहे पढ़े या न पढ़ें पर पांचवीं व आठवीं परीक्षा बोर्ड होने से बच्चे पढ़ाई को गंभीरता से लेंगे और पढ़ाई भी करेंगे। अवधेश अहिरवार, पालक 

शिक्षा की बढ़ेगी गुणवत्ता 

परीक्षा प्रणाली में जो भी बदलाव विभाग द्वारा किया जाएगा, उसी अनुसार कार्रवाई करेंगे। पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षा किए जाने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। धर्मेंद्र पटेरिया, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पिछोर 

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