
हिन्दी संस्कृत की बेटी है : डॉ मधुलता
शिवपुरी। लायंस एवं लॉयनेस क्लब साउथ ने हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत हिन्दी दिवस का आयोजन किया। लॉयनेस अध्यक्ष नीलू जैन तथा लायन पारस जैन ने कार्यक्रम को विधिवत आरम्भ किया।
हिंदी हमारी वैज्ञानिक भाषा है इसमें जैसा बोला जाता है, वैसा ही लिखा जाता है और जैसा लिखा जाता है, वैसा ही उसका उच्चारण किया जाता है। 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया।राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा ने 1953 में यह निर्णय लिया कि 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाना चाहिए तब से 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह उदबोधन डॉ पद्मा शर्मा ने मुख्य अतिथि की आसंदी से दिया। डॉ पद्मा शर्मा ने आगे कहा कि हम सबको जल्द ही हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार कर लेना चाहिए। समय-समय पर हिंदी ने अपने रूप और स्वरूप में परिवर्तन किया है।सबसे पहले कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी की आवश्यकता महसूस हुई तदुपरांत मानक हिंदी भाषा अस्तित्व में आयी। वर्तमान में तकनीकी और विज्ञान क्षेत्र में नवीन परिवर्तन आने से प्रयोजनमूलक हिंदी हमारे सामने प्रस्तुत हुई। कई जातियों के संपर्क में आने के कारण उनके शब्दों को आत्मसात कर हिन्दी ने अपने शब्द भंडार में वृद्धि की है।
हिन्दी भाषा में हमें डच, पुर्तगाली, फ्रांसीसी,जापानी तथा अंग्रेजी शब्द भी मिल जाएंगे। हिन्दी के वर्णों में भेदभाव नीति नहीं है क्योंकि न उसमे कैपिटल वर्ण है न स्मॉल वर्ण। उसके वर्ण तो अर्द्ध अक्षरों को भी सहारा देने में सक्षम हैं। हिन्दी दिलों को छू लेने वाली भाषा है। संबंध और रिश्तों को बताने के लिये अलग अलग शब्द हैं। सभी को हिन्दी में ही हस्ताक्षर करना चाहिये। हिन्दी का अधिक प्रयोग करें। हिन्दी हमारी वैश्विक भाषा बनती जा रही है।
डॉ मधुलता जैन ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उम्र कभी व्यवधान पैदा नहीं करती। हमें लक्ष्य के लिए संकल्पित होंगे तो हम अपना लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। हिन्दी संस्कृत की बेटी मानी जाती है। हमें हिन्दी का सम्मान करना चाहिये और अधिक से अधिक प्रयोग में लाना चाहिये।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में लॉयनेस क्लब साउथ अध्यक्ष नीलू जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। लॉयनेस सचिव नीलम बिसानी, लायन सचिव पवन जैन ने स्वागत किया। लायन अध्यक्ष पारस जैन ने आभार प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शानदार संचालन मोनिका जैन और बबीता अग्रवाल ने किया।
कार्यक्रम में के पी जैन, शिवा पाराशर, रुचि जैन, कोमल राणा,बीना जैन तथा नीलम बिसानी ने भी विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में प्रवीण जैन, राजेन्द्र शिवहरे, विनय गुप्ता, विवेक अग्रवाल, पी डी सिंघल तथा संस्था की लॉयनेस और लायन साथी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत मे क्लब के नियमानुसार एक गेम भी खेला जाता है उसके तहत सदस्यों को एक मिनिट में हिन्दी वर्णमाला अ से ज्ञ तक लिखना था। इस गेम में पूजा वर्मा प्रथम और वर्षा जैन द्वितीय रहीं।






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